नजरिया न्यूज़, अररिया। जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत नगर थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने साइबर ठगी में संलिप्त एक संगठित गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से ₹68,800 नकद, सात एटीएम/डेबिट कार्ड, चार मोबाइल फोन, दो पासबुक, दो आधार कार्ड, एक पैन कार्ड तथा एक मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस का दावा है कि बरामद नकदी साइबर ठगी से अर्जित की गई थी। मामले में नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी तेज कर दी गई है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए जिलेभर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत 17 जुलाई 2026 को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अररिया के नेतृत्व में नगर थाना के पुअनि अमित कुमार सशस्त्र बल के साथ विशेष संध्या गश्ती, वित्तीय संस्थानों की निगरानी एवं वाहन जांच अभियान चला रहे थे। इसी दौरान त्रिशूलिया घाट पुल के समीप एक मोटरसाइकिल पर सवार चार संदिग्ध युवक पुलिस को देखकर भागने लगे। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर सभी को मौके पर ही दबोच लिया।
तलाशी के दौरान आरोपितों के पास से विभिन्न बैंकों के सात एटीएम/डेबिट कार्ड, दो पासबुक, दो आधार कार्ड, एक पैन कार्ड, चार मोबाइल फोन, ₹68,800 नकद और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई। पूछताछ में चारों ने स्वीकार किया कि वे संगठित तरीके से साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम देते हैं और बरामद राशि भी ठगी से प्राप्त हुई है।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपितों के बैंक खातों का सत्यापन किया, जिसमें कई खातों पर साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज होने और उन्हें फ्रीज किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद नगर थाना कांड संख्या 374/26 के तहत धारा 318(4), 111(1), 3(5) बीएनएस तथा आईटी एक्ट की धारा 66(C) एवं 66(D) के अंतर्गत मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया गया।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान अबुरेहान (27), मो. फैसल आलम (19), आसिक (20) और इमरान आलम (करीब 20) के रूप में हुई है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिले में साइबर अपराधियों के विरुद्ध अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या संदेश के झांसे में आकर ओटीपी, बैंक खाता संख्या, एटीएम पिन या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो वह तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या अपने नजदीकी थाने में सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर नुकसान को रोका जा सके।






















