अररिया सदर अस्पताल में एक मरीज के परिजनों और महिला स्वास्थ्यकर्मी के बीच हुई कहासुनी का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई और स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन तथा कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे। अस्पताल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया है।
जानकारी के अनुसार वार्ड संख्या 17 स्थित रहिका टोला निवासी 18 वर्षीय शालिनी कुमारी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसे उल्टी की शिकायत होने पर उसके पिता तपेश यादव इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचे। ओपीडी में पंजीकरण कराने के बाद चिकित्सक द्वारा जांच की गई और आगे की प्रक्रिया के तहत उन्हें बीपी जांच कराने के लिए भेजा गया।
परिजनों के अनुसार जब वे बीपी जांच के लिए ओपीडी कक्ष में पहुंचे और जांच कराने का अनुरोध किया, तब वहां मौजूद महिला स्वास्थ्यकर्मी ने पर्ची देखकर आपत्ति जताई। बताया जाता है कि मरीज के अभिभावक के पास इमरजेंसी की पर्ची थी, जिसे लेकर वे ओपीडी में जांच कराने पहुंच गए थे। इस पर महिला स्वास्थ्यकर्मी ने कहा कि यह ओपीडी है और यहां ओपीडी की पर्ची के आधार पर ही जांच की जाएगी। उन्होंने पहले सही पर्ची प्रस्तुत करने की बात कही।
इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। मरीज के परिजनों का आरोप है कि स्वास्थ्यकर्मी का व्यवहार उचित नहीं था और उनसे अभद्र तरीके से बात की गई। वहीं अस्पताल में मौजूद कुछ लोगों ने भी मरीजों और उनके परिजनों के साथ संवेदनशील व्यवहार की आवश्यकता पर जोर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई और कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
इस पूरे मामले को लेकर जब अस्पताल प्रबंधक विकास आनंद से दूरभाष पर संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। प्रथम दृष्टया जानकारी के आधार पर संबंधित महिला स्वास्थ्यकर्मी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि मरीजों की सुविधा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुचित व्यवहार को गंभीरता से लिया जाएगा। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं





















