अररिया पुलिस ने जाली दस्तावेज तैयार कर फर्जी भू-स्वामी बन जमीन की रजिस्ट्री कराने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। इस मामले की जानकारी अररिया के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दी। उन्होंने बताया कि नगर थाना कांड संख्या-239/2026 के तहत दर्ज मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
एसपी ने बताया कि निबंधन कार्यालय अररिया के कर्मचारी पंकज कुमार द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर यह मामला दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि आधार कार्ड में छेड़छाड़ कर फर्जी पहचान बनाई गई और उसी के आधार पर जमीन का केवाला कराया गया। इस पूरे खेल में पहचानकर्ता और गवाह की भी मिलीभगत सामने आई है।
पुलिस जांच के दौरान यह पाया गया कि डीड नंबर 7175 के तहत जमीन की रजिस्ट्री कराई गई थी। इसमें असली आधार कार्ड के विवरण में बदलाव कर फर्जी आधार कार्ड तैयार किया गया और दूसरे व्यक्ति को वास्तविक भू-स्वामी बनाकर प्रस्तुत किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया।
तकनीकी अनुसंधान और मानवीय स्रोतों की मदद से पुलिस ने निबंधन कार्यालय से फर्जी आधार नंबर और संबंधित दस्तावेजों का विवरण प्राप्त किया। फोटो की पहचान के बाद पुलिस ने गिद्धवास निवासी संजय मंडल और जीवछ मंडल को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारी मिली है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से मूल आधार कार्ड, फर्जी आधार कार्ड, जमीन से संबंधित दस्तावेज और मोबाइल फोन बरामद किया है। एसपी जितेंद्र कुमार ने बताया कि मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान भी कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
इस कार्रवाई में नगर थाना के पुलिस निरीक्षक मनीष रजक, रानीगंज थाना के पुलिस निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक रामलखन चौधरी तथा डीआईयू टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि जमीन संबंधी फर्जीवाड़ा और दस्तावेजों में कुटरचना करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



















