मुजफ्फरपुर। 13 अप्रैल
जिले के आम लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सोमवार को जिला स्वास्थ्य समिति के सभागार में क्षेत्रीय अपर निदेशक (आरएडी) डॉ. अजय कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ को और अधिक धारदार बनाने के लिए कई बड़े निर्णय लिए गए। 
अल्ट्रासाउंड और ईसीजी से लैस होंगे स्वास्थ्य केंद्र: जिलाधिकारी की तत्परता के फलस्वरूप आने वाले दिनों में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं का बड़े पैमाने पर विस्तार किया जाएगा। अब जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर ईसीजी की सेवा उपलब्ध होगी और सभी स्वास्थ्य संस्थानों में अल्ट्रासाउंड मशीनें लगाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इसके साथ ही पैथोलॉजी सेवाओं का विस्तार और मुफ्त एक्स-रे की सुविधा भी आम जनों को मिलने लगेगी। बैठक के दौरान सिविल सर्जन डॉ सुधीर कुमार ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा, “हमारा मुख्य उद्देश्य जिले के हर व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। तकनीकी सेवाओं जैसे ईसीजी और अल्ट्रासाउंड के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर काफी ऊंचा होगा।”
400 एएनएम की नियुक्ति से सेवाओं में आएगी तेजी:
बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा जिले में 400 नई एएनएम की नियुक्ति की गई है। आरएडी डॉ. अजय कुमार ने निर्देश दिया कि ये सभी एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं और सीएचओ के साथ मिलकर सुदूर ग्रामीण इलाकों के स्वास्थ्य उपकेंद्रों (एचएससी) तक मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दें। 
इसी संदर्भ में डीपीएम रेहान असरफ ने कहा, “नई एएनएम की तैनाती और तकनीकी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण से हम स्वास्थ्य सेवाओं के मूलभूत आधार को और अधिक धारदार बना रहे हैं। जिला कार्यक्रम प्रबंधन की टीम यह सुनिश्चित कर रही है कि रेफरल सेवाओं और ऑनलाइन पोर्टल्स की निगरानी में मुजफ्फरपुर राज्य में अग्रणी बना रहे।”
230 बच्चियों को लगा सर्वाइकल कैंसर से बचाव का टीका: जिले में बच्चियों को सर्वाइकल कैंसर के खतरे से बचाने के लिए ‘गार्डासिल’ इंजेक्शन लगाने का अभियान तेजी से चल रहा है। बैठक में जानकारी दी गई कि सोमवार तक 230 बच्चियों का टीकाकरण किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी बच्चियों को यह टीका अवश्य लगवाएं। इसके साथ ही कायाकल्प अवार्ड के लिए मुरौल और मरवन को एक-एक लाख रुपये की सम्मान राशि प्राप्त हुई है, जो जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। 
टीबी मुक्त पंचायत बनाने का संकल्प:
बैठक में टीबी उन्मूलन कार्यक्रम पर भी विशेष जोर दिया गया। निर्देश दिया गया कि जिले की 440 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने के लिए ‘100 डेज टीबी कैंपेन’ को पूरी गंभीरता से लागू किया जाए। स्वास्थ्य कर्मियों को ‘निक्षय मित्र’ बनकर मरीजों को पोषण सहायता (फूड बास्केट) उपलब्ध कराने और सक्रिय स्क्रीनिंग के माध्यम से संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में क्षेत्रीय अपर निदेशक डॉ अजय कुमार डब्लूएचओ कंसल्टेंट, सीडीओ, डीपीसी, डीपीएम रेहान असरफ, सिविल सर्जन डॉ सुधीर कुमार समेत जिले के तमाम स्वास्थ्य पदाधिकारी और सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।


















