नजरिया न्यूज़, अररिया।
पीड़िता प्रवीण आशिक, पिता आशिक अहमद, माता स्व. शाहिना, सौतेली माता सबीना, साकिन बंधूक (ब शब्द से उच्चारणानुसार प्रारंभ) (नजदीकी पहचान तारण, बैरगाछी), अररिया, बिहार, वर्तमान में जम्मू कश्मीर जिले के सुफियान स्थित वन स्टॉप सेंटर में केंद्र प्रशासक की देखरेख में आवासित हैं।
वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, पीड़िता की काउंसलिंग वन स्टॉप सेंटर अररिया की प्रशासक श्रीमती वर्षा रानी द्वारा दूरभाष के माध्यम से की गई। काउंसलिंग के दौरान पीड़िता ने बताया कि उसका विवाह फिर्दोश अहमद नामक व्यक्ति से कराया गया, जो पूर्व से विवाहित था तथा उसकी एक पुत्री भी है।
पीड़िता के अनुसार, उक्त विवाह के एवज में उसके पिता द्वारा पांच हजार रुपए प्राप्त किए जाने की बात कही गई तथा उसे जबरन वहीं रहने के लिए दबाव डाला गया।
पीड़िता द्वारा यह भी बताया गया कि बिहार वापस लौटने की इच्छा जताने पर उसे कथित रूप से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। इसके उपरांत वह किसी प्रकार पुलवामा से भाग निकली तथा श्रीनगर जाने के उद्देश्य से एक वाहन में बैठी, किंतु चालक द्वारा उसे अन्य स्थान पर उतार दिया गया। अनजान स्थान पर भटक रही पीड़िता को स्थानीय नागरिकों द्वारा सहयोग प्रदान किया गया एवं स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया।
पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई करते हुए उसे संरक्षण में लिया गया। प्रारंभिक प्रक्रिया के तहत उसे बालिका गृह में रखा गया तथा चिकित्सीय जांच कराई गई, जिसमें उसकी आयु 18 वर्ष से अधिक पाई गई।
तत्पश्चात पीड़िता को वर्तमान में जम्मू कश्मीर जिले के सुफियान स्थित वन स्टॉप सेंटर में केंद्र प्रशासक की देखरेख में रखा गया है, जहां उसकी काउंसलिंग एवं आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है।
उक्त पीड़िता के संबंध में यदि किसी प्रकार की जानकारी उपलब्ध हो, तो वन स्टॉप सेंटर, अररिया के दूरभाष संख्या 9771468001 पर सूचित किया जाए। वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक श्रीमती वर्षा रानी के माध्यम से यह जानकारी दी गई है।



















