किशनगंज जिला प्रशासन -सात निश्चय–3 के अंतर्गत ‘सबका सम्मान–जीवन आसान (Ease of Living)’ को प्रभावी बनाने हेतु आमजनों की भी सुनीं गईं समस्याएं
वीरेंद्र चौहान नजरिया न्यूज ब्यूरो किशनगंज, 06 अप्रैल।
मेरे घरों के आसपास नगर पालिका किशनगंज, बिहार के सफाई कर्मी कचरा डंप करते हैं। इसका समाधान डीएम भी नहीं कर सकते। गरीबों की भूमि खरीदने का यह एक षडयंत्र है। यह बात किशनगंज नगर पालिका क्षेत्र के मोतीबाग मुहल्ले के गरीब तबके के लोगों ने कही हैं:
किशनगंज नगर पालिका क्षेत्र के मोतीबाग मोहल्ले के आवासों के निकट जानलेवा गंदगी को सरकार को डंप करने दीजिए, हमें मरने दीजिए। गंदगी को मोतीबाग मोहल्ले में डंप करने से नगर पालिका किशनगंज को डीएम भी नहीं रोक सकते। क्योंकि यह खेल भूमाफियाओं का है। माफिया चाहते हैं कि मोतीबाग मोहल्ले के लोगों को जानलेवा प्रदूषण फैलाकर तंग किया जाए। मोतीबाग मोहल्ले के लोग घर बेंचने के लिए मजबूर हो जाएं।उसके बाद कचरा डंप होना रुक जाएगा। जैसे कई क्षेत्रों में कृषि भूमि का कटाव थम गया है।
उल्लेखनीय है:
बिहार सरकार के सात निश्चय–3 के अंतर्गत सात निश्चय ‘सबका सम्मान–जीवन आसान (Ease of Living)’ को प्रभावी रूप से लागू करने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी विशाल राज द्वारा आम जनमानस की समस्याओं को आज सुना गया।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी श्री राज ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सप्ताह में दो दिन—सोमवार एवं शुक्रवार को सभी पदाधिकारी अनिवार्य रूप से अपने-अपने कार्यालयों में उपस्थित रहेंगे, ताकि आम लोगों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने निर्देशित किया कि सभी सरकारी कार्यालयों में आगंतुकों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही प्रत्येक कार्यालय में आगंतुक पंजी विधिवत संधारण करते हुए प्राप्त शिकायतों की प्रविष्टि एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
इसके अतिरिक्त प्रखंड, पंचायत एवं जिला स्तर पर प्रतिदिन आगंतुकों की संख्या की रिपोर्टिंग अनिवार्य की गई है। किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने की स्थिति में संबंधित पदाधिकारी को तत्काल अपने वरीय पदाधिकारी को सूचित करने का निर्देश दिया गया है।
जिला पदाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि आगंतुकों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। यदि किसी कारणवश संबंधित पदाधिकारी कार्यालय में अनुपस्थित हों, तो उनके स्थान पर अधिकृत पदाधिकारी आमजनों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनेंगे। जो पदाधिकारी एक से अधिक कार्यालयों के प्रभार में हैं, वे सोमवार एवं शुक्रवार को सुविधा अनुसार समय निर्धारित कर सभी कार्यालयों में उपस्थित रहकर लोगों से मिलना सुनिश्चित करेंगे।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि निर्देशों की अवहेलना अथवा अधिकृत पदाधिकारी की अनुपस्थिति की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।





















