– मामला रानीगंज थाना क्षेत्र के धनाहा का
– जख्मी रुपेश कुमार का इलाज रानीगंज रेफरल हॉस्पिटल में हुआ तथा जख्मी को बेहतर इलाज के लिए रानीगंज से अररिया भेज दिया गया है, जहां से पुनः सीटी स्कैन देखने से पूर्णिया भेजा गया और पुनः पूर्णिया से भागलपुर भेज दिया गया है। इस परिस्थिति में मामला बहुत ही संगीन एवं जानलेवा है।
नजरिया न्यूज़ (रूबी विनीत), अररिया।
दबिया के प्रहार से जख्मी कर लहुलुहान होने पर रानीगंज से लेकर भागलपुर तक इलाज में रहने के जानकारी रहने के बाबजूद हत्या करने के प्रयास की पुराना धारा 307/ नया धारा 109 नहीं लगाने का मामला प्रकाश में आया है।
इस मामले की पीड़िता सह सूचिका विभा देवी ने अररिया के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को आवेदन पत्र समर्पित करते हुए पुराना धारा 307/ नया धारा 109 बीएनएस लगवाने की प्रार्थना की है।
पीड़िता सह सूचिका विभा देवी ने इस मामले में पत्रकारों को बताया कि घटना तिथि 28 जनवरी 2026 की सुबह 08 बजे सुबह में पूर्व जमीन संबंधित विवाद एवं टाटी लगाने को लेकर धनाहा के रहने वाले राम विलास यादव, रामानंद यादव, प्रिंस कुमार, सहदेव यादव, राम विलास यादव की पत्नी, रामानंद यादव की पत्नी ने उसके आंगन में आकर गाली गलौज कर घर के टाटी को उजाड़ने लगे तथा उजाड़ दिया था। जिसका विरोध करने पर लाठी डंडा से मारपीट करने लगे। पीड़िता विभा देवी ने बताया कि उसका गोतनी का बेटा रुपेश कुमार बचाने आया तो राम विलास यादव अपने हाथ में दबिया से रुपेश कुमार का सर पर दबिया से चला दिया। जिससे रुपेश का सर काफी जख्मी हो गया तथा खून बहने लगा। इतना ही नहीं, पीड़िता विभा देवी को छाती पीठ पर लाठी डंडा से मारकर तथा छाती पर फाइट मुक्का से मारकर गिरा दिया तथा कपड़ा लता व ब्लाउज को फाड़कर अर्धनग्न कर दिया था। साथ ही धमकी दिया कि गोली से जान मार देंगे।
इस मामले में नामजद लोगों के विरुद्ध बीएनएस 2023 की धारा 126(2), 115((2), 118(1), 352, 351(2), 79, 3(5) के तहत रानीगंज थाना में कांड संख्या 28/2026 दर्ज किया गया था।
परन्तु रानीगंज थाना प्रभारी द्वारा पुराना भादवि की धारा 307 के स्थान पर पुराना भादवि की धारा 323 / नया बीएनएस 115(2) लगा दिया, जबकि इस मामले में निश्चित रूप से पुराना भादवि की धारा 307 यानी नया बीएनएस धारा 109 लगना चाहिए था।
पीड़िता सह सूचिका विभा देवी ने एसपी को लिखे गए आवेदन पत्र में दर्शाया है कि जख्मी रुपेश कुमार का इलाज रानीगंज रेफरल हॉस्पिटल में हुआ। जख्मी को बेहतर इलाज के लिए रानीगंज से अररिया भेज दिया गया है। जहां से पुनः सीटी स्कैन देखने से पूर्णिया भेजा गया. पुनः पूर्णिया से भागलपुर भेज दिया गया है। इस परिस्थिति में मामला बहुत ही संगीन एवं जानलेवा है।
सनद रहे कि पीड़िता सह सूचिका विभा देवी के द्वारा गत 03 फरबरी को एसपी को आवेदन दिया गया था। जिस आवेदन को गंभीरता से लेते हुए ऐसी अररिया ने रानीगंज थाना प्रभारी को अग्रेत्तर कार्रवाई करने की बात कही थी। परन्तु 03 फरबरी से अबतक केस आईओ द्वारा बीएनएस धारा 109 /पुराना भादवि धारा 307 को जोड़ने की प्रक्रिया हेतु न ही अपने वरीय पदाधिकारी से आदेश प्राप्त किया गया है और न ही न्यायमंडल अररिया में सीजेएम कोर्ट में ही किसी भी प्रकार का आवेदन दिया गया है। इस परिस्थिति में पीड़िता सह सूचिका विभा देवी को ऐसा प्रतीत होता है कि केस आईओ अभियुक्तों के मेल में आकर बीएनएस धारा 109 /पुराना भादवि धारा 307 को जोड़ना नहीं चाहते हैं।
पीड़िता सह सूचिका विभा देवी ने एसपी से अविलंब कार्यवाही करते हुए पुराना भादवि की धारा 307 यानी नया बीएनएस धारा 109 को जोड़ते हुए नामजद लोगों की गिरफ्तारी करने की बात कही है।





















