– 5 लाख की राशि जमा नहीं करने पर 1 वर्ष 6 महीने की होगी अतिरिक्त कारावास
– उत्पाद विभाग ने सुलिंदाबाद से जब्त किया था शराब
अंग्रेजी शराब का अवैध कारोबार करना सदर थाना क्षेत्र के सुलिंदाबाद, वार्ड नंबर – 4/42 निवासी स्व मटकुरी महतो के 49 वर्षीय पुत्र लक्ष्मण महतो को काफी महंगा पड़ गया है। उनके घर से बरामद हुई 53.64 लीटर अवैध विदेशी शराब मामले में अनन्य विशेष न्यायाधीश (उत्पाद-1) ने सजा सुनाया है। उन्हें शराब रखने और बेचने में दोषी पाते हुए न्यायालय द्वारा 10 वर्ष की सश्रम कारावास और 5 लाख रुपए का आर्थिक जुर्माना की सजा दी गई है। वहीं जुर्माना की राशि जमा नहीं किए जाने पर 1 साल 6 महीने की अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतान होगी।
उत्पाद निरीक्षक पंकज कुमार ने बताया कि बीते वर्ष 2023 के 31 दिसंबर को गुप्त सूचना के आधार पर टीम गठित की गई थी। फिर संध्या के करीब 6:55 बजे सदर थाना क्षेत्र के सुलिंदाबाद, वार्ड नंबर – 4/42 निवासी स्व मटकुरी महतो के पुत्र लक्ष्मण महतो के घर पर छापामारी की गई थी। छापामारी के क्रम में उनके परिसर स्थित भूसा घर में छिपा कर रखे गए विभिन्न ब्रांड के कुल 53.64 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई थी। मौके से ही अभियुक्त को भी गिरफ्तार किया गया था। जिसको लेकर उत्पाद थाना कांड संख्या – 633/23 दर्ज की गई थी। जिसमें धारा 30 (ए), वि0, म0, नि0 एवं उत्पाद अधिनियम लगाया गया था। जिसके सूचक सहायक अवर निरीक्षक (उत्पाद) अविनाश कुमार थे। उन्होंने अनुसंधान किया था। 
फिर न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजन राजीव रंजन पांडे ने न्यायालय में साक्ष्य रखा था। जबकि प्रतिरक्षा में अधिवक्ता भरत राम ने अभियुक्त की तरफ से पैरवी किया था। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत मौखिक एवं दस्तावेज की साक्ष्य के आधार पर अभियोजन न्यायालय के समक्ष मामले के सभी संदेहों से परे साबित करने में सफल रहा। जिसके बाद न्यायालय द्वारा अभियुक्त को अवैध विदेशी शराब रखने के आरोप में दोषी करार दिया गया। वहीं अभियुक्त उक्त मामले से पूर्व विशेष बाद संख्या – 180/18 में भी दोषी करार दिए जा चुके थे। हालांकि उक्त मामले में उच्च न्यायालय से अपील पर उन्हें जमानत मिल गई थी। जिसके छूटने के बाद उन्होंने दूसरी घटना कारित किया था। जिसके आधार पर अभियोजन द्वारा अभियुक्त को अधिकतम सजा देने की प्रार्थना न्यायालय से की गई थी।
फिर सुनवाई के बाद न्यायालय द्वारा अभियुक्त को 10 वर्ष की सश्रम कारावास और 5 लाख रुपए का जुर्माना की सजा सुनाई गई थी। वहीं जुर्माना की राशि नहीं देने की स्थिति में 1 वर्ष 6 महीने की अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई गई थी।






















