जिला अस्पताल सहरसा में मातृ स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत FCM (फेरिस कार्बॉक्सी मालटोज) इंजेक्शन कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया गया। राज्य स्तरीय इस कार्यक्रम का उद्घाटन स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय द्वारा पटना स्थित ऊर्जा स्टेडियम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया, जिसमें सभी जिलों की सहभागिता सुनिश्चित की गई। जिला अस्पताल सहरसा में आयोजित कार्यक्रम में प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. हरिशेखर भारती, प्रभारी अधीक्षक डॉ. एस.एस. मेहता, जिला कार्यक्रम प्रबंधक विनय रंजन, जिला मूल्यांकन एवं अनुश्रवण पदाधिकारी कंचन कुमारी, जिला सामुदायिक उत्प्रेरक राहुल किशोर, अस्पताल प्रबंधक सिंपी कुमारी सहित पीरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गंभीर एनीमिया से ग्रसित गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य में त्वरित एवं प्रभावी सुधार लाना है। FCM इंजेक्शन एक आधुनिक उपचार पद्धति है, जिसके माध्यम से कम समय में हीमोग्लोबिन स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। कार्यक्रम के प्रथम चरण में जिले की 20 चिन्हित गर्भवती महिलाओं को यह इंजेक्शन दिया गया। चिकित्सकीय आंकड़ों के अनुसार, इस इंजेक्शन की एक खुराक से औसतन 2.5 ग्राम तक हीमोग्लोबिन में वृद्धि देखी जा रही है, जिससे यह एनीमिया प्रबंधन में काफी प्रभावी साबित हो रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस पहल से न केवल गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार होगा, बल्कि प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं में भी कमी आएगी। साथ ही, राज्य में मातृ मृत्यु दर को कम करने में यह कार्यक्रम अहम भूमिका निभाएगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित यह पहल “स्वस्थ मां, स्वस्थ शिशु” के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक सशक्त कदम माना जा रहा है।
किशनगंज, बिहार -लंबे समय तक खांसी, शरीर में गांठ, असामान्य रक्तस्राव या वजन में अचानक कमी जैसे लक्षण दिखाई दें तो कैंसर का पता लगाने के लिए चिकित्सक से तुरंत संपर्क करना चाहिए…
*किशनगंज, बिहार* -लंबे समय तक खांसी, शरीर में गांठ, असामान्य रक्तस्राव या वजन में अचानक कमी जैसे लक्षण दिखाई दें...






















