वैशाली। जिले में परिवार नियोजन कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाले स्वास्थ्य योद्धाओं के लिए आज का दिन गौरवपूर्ण रहा। जनसंख्या स्थिरीकरण के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन करने वाले विभिन्न प्रखंडों, संस्थानों और जमीनी स्तर पर कार्य करने वाली एएनएम व आशा कार्यकर्ताओं को आज एक विशेष समारोह में सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन और समन्वय में डीसीएम निभा रानी सिन्हा की सक्रिय भूमिका रही, जिनके द्वारा कार्यक्रम की रूपरेखा और जिले के स्वास्थ्य लक्ष्यों को साझा किया गया।
प्रखंड स्तर पर प्रदर्शन की बात करें तो देसरी प्रखंड ने अपनी कार्यकुशलता का लोहा मनवाते हुए पुरुष नसबंदी और मिनीलैप दोनों ही मुख्य श्रेणियों में जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया। मिनीलैप श्रेणी में पातेपुर प्रखंड को द्वितीय और महुआ प्रखंड को तृतीय स्थान से नवाजा गया। इसी प्रकार, प्रसव पश्चात गर्भनिरोधक सेवाओं (पीपीआईयूसीडी) के बेहतर क्रियान्वयन के लिए जंदाहा प्रखंड ने प्रथम, बिदुपुर ने द्वितीय और भगवानपुर ने तृतीय स्थान का सम्मान प्राप्त किया।
कार्यक्रम के दौरान डीसीएम निभा रानी सिन्हा ने बताया कि जिले में परिवार नियोजन सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए मिशन मोड में काम किया जा रहा है। इसी क्रम में चिकित्सीय सेवाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को भी पुरस्कृत किया गया। पुरुष नसबंदी के क्षेत्र में बेहतर सेवा देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के लिए सम्मानित किया गया। इसी तरह, महिला नसबंदी (पीपीएस) सेवाओं के लिए भी जिले के शीर्ष तीन प्रदर्शन करने वाले कर्मियों को पुरस्कृत किया गया।
स्वास्थ्य सेवाओं को घर-घर तक पहुँचाने वाली एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं के योगदान को आज विशेष रूप से सराहा गया। नसबंदी सेवाओं के सफल संचालन हेतु पीएचसी हाजीपुर की एएनएम ने प्रथम, महुआ की एएनएम ने द्वितीय और लालगंज की एएनएम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। पीपीआईयूसीडी सेवाओं में वैशाली प्रखंड की एएनएम जिले में अव्वल रहीं, जबकि पटेढ़ी बेलसर और भगवानपुर की एएनएम को क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान का पुरस्कार मिला।
आशा कार्यकर्ताओं की श्रेणी में, महिला नसबंदी के लिए योग्य दंपत्तियों को प्रेरित करने में गोराउल की आशा ने प्रथम, पातेपुर की आशा ने द्वितीय और महुआ की आशा ने तृतीय स्थान हासिल किया। पुरुष नसबंदी के सफल प्रेरक के रूप में हाजीपुर की आशा को प्रथम स्थान का विजेता घोषित किया गया। वहीं, पीपीआईयूसीडी सेवाओं के लिए राजापाकर की आशा को प्रथम, जंदाहा की आशा को द्वितीय और बिदुपुर की आशा को तृतीय स्थान के सम्मान से नवाजा गया।
आज संपन्न हुए इस सम्मान समारोह के साथ ही जिले में परिवार नियोजन जागरूकता के आगामी विस्तृत चरणों की विधिवत घोषणा की गई। इस रणनीति के तहत आने वाली 23 फरवरी से 5 मार्च तक दंपति संपर्क पखवाड़ा चलाया जाएगा, जिसमें स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर योग्य जोड़ों को परिवार नियोजन के लाभ समझाएंगे। इसके पश्चात, 6 मार्च से 20 मार्च तक सेवा पखवाड़ा का आयोजन होगा, जिसमें जिला अस्पताल से लेकर प्रखंड स्तर के केंद्रों पर विशेष कैंप लगाकर चिकित्सा सुविधाएँ दी जाएंगी। जन-जागरूकता को सुदूर ग्रामीण इलाकों तक पहुँचाने के लिए 7 मार्च से 11 मार्च के बीच विशेष सारथी रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। यह रथ माइक और प्रचार सामग्रियों के माध्यम से लोगों को ‘छोटा परिवार, सुखी परिवार’ की महत्ता के प्रति जागरूक करेंगे। आज का यह आयोजन न केवल पुरानी उपलब्धियों का उत्सव था, बल्कि भविष्य में वैशाली को स्वास्थ्य मानकों पर शीर्ष पर ले जाने का एक ठोस संकल्प भी रहा।
मौके पर सिविल सर्जन डॉ श्यामनंदन प्रसाद, डीपीएम डॉ कुमार मनोज, सूचित कुमार, विकास कुमार, डॉ शाइस्ता सहित अन्य लोग उपस्थित थे।






















