नजरिया न्यूज़, अररिया।
अररिया एसपी कार्यालय से जारी प्रेस नोट के माध्यम से यह जानकारी प्राप्त हुई है कि जनता दरबार में आई एक गंभीर शिकायत के आलोक में आरएस थाना में पदस्थापित मुंशी को रिश्वत मांगने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई दिनांक 10.02.2026 को आयोजित जनता दरबार में प्राप्त आवेदन के आधार पर की गई है।
प्रेस नोट के अनुसार जनता दरबार में आवेदिका बीबी जूरती, पति मो० अय्यास, साकिन धामा वार्ड संख्या-06, थाना आरएस, जिला अररिया ने लिखित आवेदन देकर बताया कि आरएस थाना में पदस्थापित मुंशी द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने के एवज में पांच हजार रुपये की मांग की गई। पीड़िता ने बताया कि विपक्षियों द्वारा उसके साथ मारपीट कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया गया था, जिसके बाद वह न्याय की आस में थाना पहुंची थी।
आवेदिका के अनुसार जब उसने प्राथमिकी दर्ज कराने हेतु आरएस थाना में आवेदन दिया तो वहां पदस्थापित मुंशी पीटीसी/39 सुमित कुमार ने प्राथमिकी दर्ज करने के बदले रिश्वत की मांग की। पैसा नहीं देने पर प्राथमिकी दर्ज नहीं करने की धमकी दी गई तथा लगभग पांच दिनों तक उसे थाना के चक्कर कटवाकर परेशान किया गया। इस पूरे व्यवहार से पीड़िता मानसिक रूप से भी काफी प्रताड़ित हुई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जनता दरबार में उपस्थित पदाधिकारियों द्वारा शिकायत की समीक्षा की गई। प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सत्य पाए गए। प्रेस नोट में बताया गया है कि मुंशी द्वारा अपने कर्तव्य के निर्वहन में लापरवाही बरती गई तथा अवैध रूप से 5000 रुपये की मांग की गई, जिससे आमजन के बीच पुलिस की छवि धूमिल हुई है।
उक्त कृत्य को कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, मनमानी, स्वेच्छाचारिता एवं अनुशासनहीनता मानते हुए पीटीसी/39 सुमित कुमार को तत्काल प्रभाव से सामान्य जीवन-यापन भत्ता पर निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।
अररिया पुलिस ने प्रेस नोट के माध्यम से यह भी स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार, दुर्व्यवहार एवं आम नागरिकों के साथ अमर्यादित आचरण किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। पुलिस प्रशासन ने कहा कि ऐसे मामलों में शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जाएगी और दोषी कर्मियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।























