=सेवानिवृत्त डिप्टी रजिस्ट्रार योगेश त्रिपाठी, प्रबंधक संस्कृत महाविद्यालय पट्टी नरेंद्रपुर सतीश त्रिपाठी, कृष्णदेव त्रिपाठी इत्यादि ने संस्कृत कालेज का नाम कबूतरबाजी के माध्यम से बदलने में अहम भूमिका निभाई
पड़ताल- : सेवानिवृत्त डिप्टी रजिस्ट्रार योगेश त्रिपाठी का जन्म जौनपुर जिले के शाहगंज तहसील के अढ़नपुर गांव में हुआ था। वे जिला विद्यालय निरीक्षक जौनपुर के कार्यालय में बड़ा बाबू के पद पर थे। संस्कृत कालेज पट्टी नरेंद्रपुर जौनपुर के शिक्षकों से उनकी खास मुलाकात जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में कार्यरत रहने के दौरान ही हुई। कालांतर में उनका जौनपुर से तबादला हो गया। वर्ष 2025में वे डिप्टी रजिस्ट्रार वाराणसी के पद पर से
से सेवानिवृत्त हुए हैं। डिप्टी रजिस्ट्रार वाराणसी के पद पर रहते हुए उन्होंने संस्कृत कालेज और संस्कृत महाविद्यालय की पत्रावली को 2025में मर्ज कर दिया…
दुर्केश सिंह, संपादकीय प्रभारी नजरिया न्यूज, 2जनवरी।
संस्कृत कालेज पट्टी नरेंद्रपुर जौनपुर का नाम निबंधन कार्यालय वाराणसी में संस्कृत महाविद्यालय पट्टी नरेंद्रपुर जौनपुर कराने में सबसे अहम भूमिका कबूतरबाजी की रही है। कबुतरबाजी करने वालों में जिला विद्यालय निरीक्षक जौनपुर के कार्यालय में बड़ा बाबू के पद पर कार्यरत रहे योगेश त्रिपाठी, उनके सगे चचेरे भाई सतीश त्रिपाठी तथा सगे चाचा कृष्ण देव त्रिपाठी का नाम संस्कृत कालेज पट्टी नरेंद्रपुर जौनपुर के प्रबंधक ब्रह्मजीत सिंह ने लिया है।
कृष्णदेव त्रिपाठी
कबूतरबाज संस्था संस्कृत महाविद्यालय पट्टी नरेंद्रपुर जौनपुर के प्रबंधक सतीश त्रिपाठी के भी सगे चाचा हैं।सेवानिवृत्त डिप्टी रजिस्ट्रार वाराणसी योगेश त्रिपाठी के भी सगे चाचा हैं। डिप्टी रजिस्ट्रार वाराणसी मनोज सिंह ने 2014 में जो फैंसला लिखा है उसके अनुसार संस्कृत कालेज पट्टी नरेंद्रपुर जौनपुर का नाम कृष्ण देव त्रिपाठी के नवीनीकरण आवेदन पर 1983में संस्कृत महाविद्यालय पट्टी नरेंद्रपुर जौनपुर करके पुनः पंजीकरण डिप्टी रजिस्ट्रार वाराणसी कार्यालय ने किया है।
सतीश त्रिपाठी। ये डिप्टी रजिस्ट्रार वाराणसी के पद से 2025में सेवानिवृत्त हुए योगेश त्रिपाठी के सगे चचेरे भाई तथा संस्कृत महाविद्यालय पट्टी नरेंद्रपुर जौनपुर के प्रबंधक हैं। डिप्टी रजिस्ट्रार वाराणसी द्वारा 2014में संस्कृत कालेज पट्टी नरेंद्रपुर जौनपुर का नवीनीकरण इन्हीं के विरोध के कारण डिप्टी रजिस्ट्रार वाराणसी मनोज सिंह नहीं किया।
डिप्टी रजिस्ट्रार वाराणसी मनोज सिंह के 2014के फैंसले में कृष्णदेव त्रिपाठी को संस्कृत कालेज पट्टी नरेंद्रपुर जौनपुर का प्रबंधक बताया गया है।
सरयू प्रसाद।2007में उत्तर प्रदेश सरकार में सोसाइटियों के रजिस्ट्रार थे।2005से 2010तक संस्कृत महाविद्यालय पट्टी नरेंद्रपुर जौनपुर का नवीनीकरण 26दिसंबर 2007 को सरयू प्रसाद के कार्यकाल में किया गया है।
2005से पहले संस्कृत महाविद्यालय पट्टी नरेंद्रपुर जौनपुर का नवीनीकरण कब -कब किया गया, यह जानकारी अनुपलब्ध है। रजिस्ट्रार उत्तर प्रदेश सरयू प्रसाद पर आरोप है कि इनके ही आदेश पर संस्कृत महाविद्यालय पट्टी नरेंद्रपुर जौनपुर का पंजीकरण 2007 में बैक डेट (वर्ष 1982 ) में किया गया। इसके बाद 2007 में 2005से 2010तक पहली बार संस्कृत महाविद्यालय पट्टी नरेंद्रपुर जौनपुर का नवीनीकरण किया गया। ऐसा आरोप संस्कृत कालेज के प्रबंधक ब्रह्मजीत सिंह ने लगाया है। डिप्टी रजिस्ट्रार मनोज सिंह ने इस आरोप का खंडन अपने 2014के फैंसले में किया है लेकिन यह जानकारी नहीं दी है कि 1982के बाद कब-कब संस्कृत महाविद्यालय पट्टी नरेंद्रपुर जौनपुर का नवीनीकरण किया गया है, इसलिए उक्त आरोप सही भी हो सकता है। क्योंकि किसी भी सोसाइटी का नाम बदलने से सोसाइटी का मूल प्रमाणपत्र रद करके सुरक्षित फाइलिंग अनिवार्य है जिसकी जानकारी डिप्टी रजिस्ट्रार वाराणसी के फैंसले में नहीं है।
-मनोज सिंह।2014में वाराणसी के डिप्टी रजिस्ट्रार थे। इन्होंने ही अपने 2014 के फैसले में संस्कृत महाविद्यालय पट्टी नरेंद्रपुर जौनपुर के प्रबंधक सतीश त्रिपाठी की उस आख्या को कोट किया है: “डिप्टी रजिस्ट्रार वाराणसी 1982 के द्वारा किस सर्कुलर के आधार पर संस्कृत कालेज के पते पर संस्कृत महाविद्यालय पट्टी नरेंद्रपुर जौनपुर का पंजीकरण किया गया,यह कार्यालय जाने”।
भानु प्रतापपुर सिंह । संस्कृत कालेज पट्टी नरेंद्रपुर जौनपुर को दो एकड़ अधिक भूमि दान किया है। भवन का निर्माण करवाया है। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी से कालेज को संबंद्ध करवाया है।
शास्त्री तक पढ़ाई शुरू करवाई है। 1982में मृत्यु तक संस्कृत कालेज पट्टी नरेंद्रपुर जौनपुर के प्रबंधक थे। सोसाइटी का बायलाज 1946में पंजीकरण करवाया है,जिसके अनुसार संस्कृत कालेज पट्टी नरेन्द्रपुर जौनपुर का प्रबंधक उनके रक्त संबंधी ही चुने जाएंगे।
कानून की आत्मकथा पार्ट 8 समाप्त…





















