गाँवों में स्वच्छता कार्यों का होगा मूल्यांकन
– “स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2025” के लिए जिलों को दिशा-निर्देश जारी
अवयव” का अर्थ है अंग, भाग, या हिस्सा। यह किसी वस्तु या संरचना का एक घटक या अंश होता है। उदाहरण के लिए, शरीर के अंग जैसे हाथ, पैर, आदि “अवयव” कहलाते हैं। गणित में, एक समुच्चय का एक सदस्य या तत्व भी अवयव कहलाता है।
संक्षेप में, “अवयव” का अर्थ है:
अंग: शरीर का कोई भी भाग, जैसे हाथ, पैर, आदि।
भाग: किसी बड़ी वस्तु या संरचना का एक छोटा हिस्सा।
हिस्सा: किसी भी चीज का एक अंश या घटक।
सदस्य: एक समुच्चय का एक तत्व।
“अवयव” शब्द का उपयोग विभिन्न संदर्भों में किया जा सकता है, लेकिन इसका मूल अर्थ किसी चीज का एक हिस्सा या घटक होता है
वीरेंद्र चौहान, नजरिया न्यूज ब्यूरो किशनगंज, 26जून।
स्वच्छ भारत मिशन/लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान अंतर्गत गांवों में किए गए कार्यों का सर्वेक्षण किया जाएगा।
भारत सरकार द्वारा ग्रामीण विकास विभाग,बिहार अंतर्गत मिशन निदेशक, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के माध्यम से “स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण” अंतर्गत गांवों में स्वच्छता सुविधाओं के मूल्यांकन से संबंधित निदेश अंक एवं पद्धति की रूपरेखा के साथ पत्र के माध्यम से जिलों को उपलब्ध कराया गया है।
कुल 1000 अंक के स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण हेतु मूल्यांकन के मुख्य अवयवों में सेवा आधारित प्रगति हेतु 240 अंक, गांव में स्वच्छता स्थिति का सीधे अवलोकन के लिए 540 अंक, स्वच्छता परिसंपत्तियों का सीधा अवलोकन में 120 अंक
एवं सिटिजन फीडबैक हेतु 100 अंक निर्धारित किया गया है।
इसमें सेवा आधारित प्रगति में डेस्कटॉप सत्यापन के द्वारा ODF प्लस आच्छादन की स्थिति एवं ODF प्लस प्रमाणपत्रों एवं जिला प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर मानव बल की उपलब्धता की जांच IMIS के माध्यम से की जायेगी।
गांव मे स्वच्छता स्थिति के सीधे अवलोकन अंतर्गत घरेलू एवं गांव तथा समुदाय स्तर पर स्वच्छता सुविधाओं की वर्तमान स्थिति का मूल्यांकन किया जाएगा।
इसी प्रकार स्वच्छता परिसंपत्तियों के सीधे मूल्यांकन में गोबरधन एवं PWMU प्लांट का मूल्यांकन किया जाना है।
इसके अलावा सिटिजन फीडबैक अंतर्गत SSG एप्प के माध्यम से नागरिकों से ऑनलाइन प्रतिक्रिया एवं गांव में स्थानीय लोगों से मिलकर सीधे बातचीत कर फीडबैक लिया जाएगा।
इस हेतु संबंधित पंचायत एवं प्रखंड स्तरीय कर्मियों को जिला स्तर पर SSG 2025 के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया है।
इस संबंध में उपविकास आयुक्त श्री स्पर्श गुप्ता द्वारा सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी सह प्रखंड स्वच्छता पदाधिकारियों एवं प्रखंड,पंचायत एवं जिला टीम को सभी अवयवों के सत्यापन द्वारा कमियों को अविलंब दूर करने तथा स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण हेतु बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने का निदेश दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि स्वच्छता प्रत्येक व्यक्ति ही नहीं पर्यावरण से भी सीधे संबंध है। पर्यावरण स्वच्छ रहेगा तो प्रत्येक व्यक्ति स्वस्थ रहेगा। लीवर भी स्वस्थ रहेगा। पाचन क्रिया स्वस्थ रहेगी मनुष्य को नाना प्रकार की बीमारियों से संरक्षण प्रदान किया जा सकेगा। इस कार्य को संस्कार में डालकर पंचायत राज पदाधिकारी भारत के पर्यावरण को विश्व का श्रेष्ठ पर्यावरण बनाने में योगदान दे सकेंगे।





















