– आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के राज्यस्तरीय एनक्यूएएस प्रमाणीकरण के बाद नेशनल प्रमाणीकरण को किया जा रहा है प्रयास
– प्रमाणीकरण के बाद बढ़ेगी आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर सुविधाएं
बेतिया, 29 मई
पश्चिमी चम्पारण जिले के 07 आयुष्मान आरोग्य मंदिर के राज्यस्तरीय प्रमाणीकरण के बाद अब आयुष्मान आरोग्य मंदिर डुमरी प्रखंड योगापट्टी का राष्ट्र स्तरीय एनक्यूएएस हेतु असेसमेंट नेशनल असेसमेंट एनएचएसआरसी द्वारा गठित टीम में मौजूद डॉ के राधिका एवं हर्षा राजपूत द्वारा किया गया।
डॉ के राधिका ने कहा की स्वास्थ्य संस्थान के नेशनल प्रमाणीकरण होने पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर कई प्रकार की सुविधाएं बढ़ेंगी। जिला स्वास्थ्य समिति के डीसीक्यूए डॉ आलोक कुमार ने बताया कि अभी अन्य 11 स्वास्थ्य संस्थान की रिपोर्ट आनी बाकी है। इसमें भी अधिकांश के सफल होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के तहत प्रमाणीकरण किया जा रहा है। वहीं डीपीसी अमित कुमार ने कहा की विशेषज्ञों की टीम द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर की विभिन्न स्तरों पर मानकों का मूल्यांकन किया जाता है। इनमें उपलब्ध सेवाएँ, मरीजों के अधिकार, इनपुट, सपोर्ट सर्विसेस, क्लिनिकल सर्विसेस, इन्फेक्शन कंट्रोल, गुणवत्ता प्रबंधन और आउटकम जैसे पैरामीटर शामिल हैं। प्रमाणीकरण के लिए कम से कम 70 प्रतिशत अंक अनिवार्य होता है। इन कड़े मानकों पर खरा उतरने वाले आयुष्मान आरोग्य मंदिर को ही गुणवत्ता प्रमाण-पत्र जारी किये जाते हैं।
उपलब्ध हैं 97 तरह की दवाएं:
सीएचओ दुर्गेश कुमार ने बताया कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर 97 तरह की दवाएं और 09 प्रकार की जाँच सुविधा उपलब्ध है। यहाँ लोगों क़ो स्वास्थ्य जाँच के साथ ही योगा व कई प्रकार के एक्टिविटी कराए जाते हैं। लोगों को अच्छे स्वास्थ्य के लिए जागरूक किया जाता है। टीबी व गंभीर बीमारी के लक्षण होने पर बड़े अस्पताल में रेफर किया जाता है। इससे क्षेत्र के स्थानीय लोगों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र का 8 मानकों पर मूल्यांकन होता है और इसमें खरा उतरने वाले अस्पतालों को ही प्रमाण पत्र मिलता है।
मौके पर सीएचओ दुर्गेश शर्मा, जिला से डीक्यूएसी डॉ आलोक कुमार, पिरामल फाउंडेशन से राजेश कुमार झा, एवं राखी सिंह तथा पीएसआई से राकेश कुमार उपस्थित थे।





















