- विद्यापतिनगर थानांतर्गत बाजिदपुर दानी टोल मे विगत वर्ष 5 जुलाई 2004 को हत्या करने का अभियुक्तों पर लगाया गया आरोप
- कोर्ट ने जुर्माने का कुल राशि का 90 प्रतिशत मृतक के आश्रितों को देने का दिया निर्देश
- सर्वोच्च व उच्च न्यायालय पटना एवं नालसा बालसा के निर्देशानुसार आश्रितों को पुनर्वास हेतु 1 लाख रुपए बिहार सरकार को देने का भी दिया निर्देश
समस्तीपुर/दलसिंहसराय
(राज कुमार सिंह)
जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश शशिकांत राय के न्यायालय ने शुक्रवार को हत्या के एक मामले में विद्यापतिनगर थानांतर्गत बाजिदपुर दानी टोल निवासी सुरेन्द्र साह, उपेन्द्र साह, कारी शाह एवं मनोज साह को सुनवाई के दौरान धारा 302/149 भादवि के अंतर्गत दोषी पाकर सश्रम आजीवन कारावास साथ 20- 20 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई । वहीं अभियुक्त फुलिया देवी, सुनैना देवी, ललिता देवी, तिला देवी, रिंकू देवी को धारा 307/149 के अंतर्गत दोषी पाते हुए तीन वर्ष सश्रम कारावास की सजा साथ प्रत्येक अभियुक्त को 20 हजार रुपए का अर्थदंड दिया । जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दस दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतने का आदेश दिया । सभी सजाएं साथ साथ चलेगी तथा कारा में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित किए जाएंगे। घटना के संबंध में एपीपी अरुण कुमार सिन्हा ने बताया कि विद्यापतिनगर थानांतर्गत बाजिदपुर दानी टोल निवासी राजेन्द्र राय की पत्नी जगतारिणी देवी ने पुलिस के समक्ष बयान दिया कि विगत 5 जुलाई 2004 की शाम 7:30 बजे अभियुक्त सुरेन्द्र प्रसाद साह उर्फ शोले साह सूचिका के पूरे परिवार को भद्दी भद्दी गाली देने लगा जब इनकी पतोहु गाली देने से मना किया तो सभी अभियुक्तगण ने अपने अपने हाथ में लाठी डंडा, ईंट का टुकड़ा लेकर सूचिका को तथा सूचिका की पतोहु को लाठी डंडा से मारने लगा जब बचाने आए सूचिका के पति राजेन्द्र राय आए तो उन्हें अभियुक्तगण लाठी डंडा ईंट से मारकर जमीन में गिरा दिया तथा घसीटते हुए दरवाजा पर ले जाकर लाठी डंडा से मारकर गंभीर रूप से जख्मी कर बेहोश कर दिया तथा सूचिका के पुत्र राम पुकारा राय जब बचाने आए तो उन्हें भी सभी अभियुक्तगण लाठी डंडा से मारकर हत्या करने का प्रयास किया और राजेन्द्र राय को मरा समझकर उनके दरवाजे से घसीटते हुए सड़क के पश्चिम गड्ढा में अभियुक्तों ने फेक कर भाग गया। इलाज की व्यवस्था कर ही रहे थे कि इसी बीच जख्मी राजेन्द्र राय की मौत हो गई। घटना को लेकर अभियुक्तों के विरुद्ध विद्यापतिनगर थाना कांड संख्या 40/2004 दर्ज किया गया। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि चुकी मामले के कारण मृतक के आश्रितों को अपूरणीय क्षति कारीत हुई है जो धन के रूप में प्रतिपूर्ति नहीं किया जा सकता परन्तु फिर भी माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय पटना के निर्देशानुसार नालसा बालसा के निर्देशों के आलोक में पीड़ित के संबंध मे कल्याणकारी एवं आश्रितों के पुनर्वास हेतु एक लाख रुपए बिहार सरकार को देने का आदेश पारित करते हुए डी एल एस ए समस्तीपुर के सचिव को निर्देशित किया जाता है कि कथित आदेश की प्राप्ति के पश्चात विधिनुरूप भुगतान तत्संबंधितों को सुनिश्चित करने का आदेश दिया ।
राज्य की ओर से एपीपी अरुण कुमार सिन्हा सूचक की ओर से अधिवक्ता यशवंत कुमार प्रसाद एवं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अमलेंदु भूषण सिन्हा ने अपना अपना दलील दिया।


















