नजरिया न्यूज नरपतगंज/अररिया।
मेडिकल कॉलेज बनाने की मांग रामपुर कोदरकट्टी के बजाय अब फारबिसगंज अनुमंडल क्षेत्र के नरपतगंज में हो रहा है। शुक्रवार को सामाजिक कार्यकर्ता सह आजाद हिंद फौज के संयोजक प्रभात यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय को पत्र लिखकर नरपतगंज में मेडिकल कॉलेज की स्थापना का आग्रह किया है। प्रभात यादव ने पत्र में लिखा कि बिहार राज्य के उत्तरी-पूर्वी क्षेत्र में अररिया एवं सुपौल जिला अत्यंत पिछड़ा है। इन क्षेत्र में किडनी, कैंसर, हृदय, लीवर, एवं अन्य गंभीर बीमारियों के रोगी काफी बड़े पैमाने पर है। इन क्षेत्रों में कोई अच्छा अस्पताल नहीं है। गरीबी के कारण लोग बाहर जाकर ईलाज नहीं करा पाते हैं और तड़प-तड़पकर मर जाते हैं। मेडिकल कॉलेज नरपतगंज-फारबिसगंज का हक,हकीकत और जरूरत है। क्योंकि यहां की आम-जनता सदियों से कैंसर जैसी त्रासदी को झेल रहे हैं, जिसके फलस्वरूप आर्थिक पिछड़ापन और गरीबी कुपोषण बीमारी और नारकीय हालात में जिंदगी जीने को मजबूर हो गए हैं। गरीबी और सरकारी हॉस्पिटल का दयनीय स्थिति की वजह से छोटे-छोटे बीमारी भी मौत का कारण बन जाता है। फारबिसगंज अनुमंडलीय क्षेत्र को स्वस्थ और विकसित बनाने के लिए सबसे पहले यहां के सबसे बड़ी समस्याओं में शुमार स्वास्थ्य समस्या का निदान करना होगा,क्योंकि यहां के कोई ऐसा परिवार नहीं है जहां बीमारी ना हो अर्थात हर घर में बीमारी है यहां कैंसर तेजी से पैर पसार रहा है दूषित पानी हजारों बीमारी का कारण बना हुआ है। पूरा अनुमंडलीय क्षेत्र बीमारियों का घर बन गया है। सामाजिक कार्यकर्ता सह आजाद हिंद फौज के संयोजक प्रभात यादव ने आगे पत्र में कहा है कि अररिया माॅडल अस्पताल से रामपुर कोदरकट्टी की दूरी महज 14 किलोमीटर है।
जबकि नरपतगंज के अचरा पंचायत से कोदरकट्टी की दूरी 70 किलोमीटर हो जाता है। वे कहते हैं कि रामपुर के जगह अनुमंडलीय क्षेत्र के नरपतगंज में मेडिकल कॉलेज की मांग इसलिए कर रह हूं क्योंकि यहां 0 मिनट से लेकर 30 मिनट के भीतर आस-पास के लगभग 2 जिलों और नेपाल के लोग आसानी से पहुंच सकते हैं। इस प्रकार यह केंद्र लगभग 50 लाख आबादी के लिए सहज सुलभ हो सकता है। जिस नरपतगंज इलाके की बात कर रहे हैं वह बिहार का सबसे अधिक पिछड़ा इलाका है। फलतः इसकी दावेदारी तुलनात्मक रूप से अधिक मजबूत है। अररिया में पहले से बहुत पुराना और स्थापित सदर अस्पताल (माॅडल अस्पताल) है। इसे सुदृढ़ कर और इसका आधुनिकीकरण कर इसे बेहतर विकल्प बनाया जा सकता है। यह इलाका राजधानी पटना से सबसे अधिक दूरी पर अवस्थित इलाका भी है।नरपतगंज में महज एक मात्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रहने के वजह से लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस इलाके में कैंसर जैसी भयानक बीमारी तेजी से फैल रही है। प्रभात यादव ने कहा कि मैं रामपुर कोदरकट्टी में मेडिकल कॉलेज बनने का विरोधी नहीं हूं। वहां भी बने,परन्तु यदि किसी एक को चुनना हो या फिर पहले कहां स्थापित किया जाए आदि सवाल हो तो नरपतगंज-फारबिसगंज बार्डर सर्वोत्तम विकल्प है। नीति आयोग के रिपोर्ट्स के मुताबिक भी यह क्षेत्र सबसे अधिक पिछड़े क्षेत्रों में से अग्रणी है, लिहाजा यहां ऐसी संस्थाओं की सर्वाधिक जरूरत है। यह क्षेत्र काला पानी के नाम से जाना जाता रहा है,क्योंकि यहां के पानी में आयरन आदि की मात्र अधिक है जिससे इस बड़े हिस्से में लोगों को कई प्रकार के स्वास्थ्य समस्याओं से सामना करना पड़ता है। यहां के आम लोगों की आर्थिक स्थिति बिहार में सर्वाधिक खराब है। इस वजह से यहां के आम लोग कहीं बाहर गुणवत्तापूर्ण इलाज कराने में सक्षम नहीं हैं। जीएमसीएच जैसी संस्थाओं के स्थापित होने से इस बहुत बड़े इलाके के लोगों को काफी राहत होगी। जीएमसीएच जैसी संस्था के लिए नरपतगंज सर्वाधिक उपयुक्त जगह है। इसे नरपतगंज तथा फारबिसगंज के बॉर्डर पर स्थापित किया जाना चाहिए। इसके ऊपर सकारात्मक विमर्श करते हुए मेडिकल कॉलेज नरपतगंज क्षेत्र में बनवाना चाहिए। मेडिकल कॉलेज की स्थापना इस क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगा।
अररिया: मोहिनी देवी मेमोरियल स्कूल ने सत्र 2025-26 के उत्तीर्ण छात्र छात्र-छात्राओं को सम्मानित गया
नजरिया न्यूज़ (रूबी विनीत), अररिया। शुक्रवार को मोहिनी देवी मेमोरियल स्कूल के वंदना सभागार में सत्र 2025-26 की वार्षिक...




















