सारण -बीएसएफ इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज का पार्थिव शरीर सोमवार को पटना लाया गया
=आज ही सारण के गड़खा थाना क्षेत्र के उनके पैतृक गांव नारायणपुर में उन्हें सुपुर्दे खाक किया जाएगा
दुर्केश सिंह, संपादकीय प्रभारी नजरिया न्यूज,12मई।
बिहार प्रदेश के सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के शहीद सब इंस्पेक्टर मो. इम्तियाज का पार्थिव शरीर सोमवार को उनके गृह स्थल सारण जिले के गरखा प्रखंड के जलाल बसंत पंचायत के नारायणपुर गांव पहुंचा।

सारण -सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के शहीद सब इंस्पेक्टर मो. इम्तियाज का पार्थिव शरीर सोमवार को उनके गृह स्थल सारण जिले के गरखा प्रखंड के जलाल बसंत पंचायत के नारायणपुर गांव पहुंचा, जहां अंतिम दर्शन के लिए हुजूम उमड़ पड़ा -सोशल मीडिया
हालांकि शव आने पहले ही स्थानीय ग्रामीणों और आसपास के लोगों के अलावा जिले के आलाधिकारियों का हुजूम उमड़ पड़ा था। गौरतलब है कि जवान मो. इम्तियाज ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पंजाब के पठान कोट स्थित आरएस पुरा में पाकिस्तानी सीमा पर सीजफायर के बाद शहीद हुए थे।
सारण, बिहार के शहीद बीएसएफ इंस्पेक्टर मो. इम्तियाज को उनके पैतृक गांव में अंतिम विदाई देते जवान -सोशल मीडिया
सारण जिला के गड़खा थाना क्षेत्र अंतर्गत नारायणपुर गांव निवासी सीमा सुरक्षा बल के सब इंस्पेक्टर मो. इम्तियाज ने 10मई को कश्मीर सीमा पर लड़ते हुए अपना सर्वश्रेष्ठ बलिदान दिया था।
सीमा पर तैनाती के दौरान 10 मई की शाम मातृभूमि की रक्षा के लिए शहीद हो गए।उनकी तैनाती जम्मू के आरएस पुरा सेक्टर में सीमा पर थी।
सारण – शहीद मो.इम्तियाज के पार्थिव शरीर लेकर गांव में पहुंचे जवान – टीवी फोटो
10 मई की शाम पाक सेना द्वारा की गई फारयरिंग के जवाब में वे अपने जवानों के साथ डटे थे। इस दौरान गोली लगने से वे बलिदान हो गए। मो. इम्तियाज के बलिदान की खबर लगने के बाद ही उनके बड़े बेटे इमरान जम्मू के लिए रवाना हो गए।
मोहम्मद इम्तियाज का पार्थिव शरीर सोमवार को पटना लाया गया। आज ही सारण के गड़खा थाना क्षेत्र के उनके पैतृक गांव नारायणपुर में उन्हें सुपुर्दे खाक किया जाएगा। मोहम्मद इम्तियाज के बलिदान के बाद उनके परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
स्थानीय संवाददाता के अनुसार पिता के पार्थिव शरीर को देखकर मोहम्मद इम्तियाज के बेटे की आंखों से आंसू नहीं रुक रहे। उन्होंने कहा कि हम बस इतना ही कहना चाहेंगे कि हमें अपने पिता पर गर्व है और हम उन सभी शहीदों को नमन करते हैं जिन्होंने देश के लिए अपना बलिदान दिया।




















