– अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस पर अनुमण्डलीय अस्पताल में कार्यक्रम का हुआ आयोजन
बेतिया। 12 अप्रैल
पीड़ित लोगों की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है यह कहना है अंतराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाते हुए कमलनाथ तिवारी अनुमण्डलीय अस्पताल में कार्यरत हेड नर्स किरण का। किरण ने बताया की पूरे भारत देश में 12 मई को अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है। नर्स व नर्सिंग स्टॉफ न सिर्फ डॉक्टर के साथ खड़े होकर मरीजों के उपचार में सहयोग करती हैं बल्कि सेवाभाव से समर्पित होकर हमेशा मरीजों का मनोबल बढ़ाती हैं। जिससे ईलाजरत मरीज जल्द ठीक होता है,
इसलिए नर्स के सम्मान में विश्व नर्सिंग दिवस मनाया जाता है। उपाधीक्षक डॉ अशोक कुमार तिवारी ने बताया की बीमार लोगों को जीवन दान देने में जितना योगदान डॉक्टर का होता है उतना ही नर्सों का भी होता है। किरण कार्य कुशल व मेहनती नर्स है, इन्होने कोरोना काल जैसी कठिन एवं मुश्किल समय में भी मरीजों की सेवा किया है। अपने सहकर्मियों क़ो भी मिलजुलकर कार्य करने का सीख देती है। साफ सफाई पर भी ध्यान देती है। अस्पताल आए महिलाओं की स्वास्थ्य जाँच के साथ बढ़ती जनसंख्या पर जागरूक करते हुए परिवार नियोजन कराने, हाथी पाँव के बारे में जागरूक करने के साथ ही बच्चों क़ो अच्छे ढंग से स्तनपान करवाने, एवं एईएस से बचने की सीख देती है।
साथ ही अपने दायित्वों का मुश्तैदी पूर्वक निर्वहन करती है। जिससे लोग उनकी प्रशंसा करते है। उन्होंने बताया की आज नर्सिंग स्टॉफ के साथ केक काटकर विश्व नर्सिंग दिवस मनाया गया है। डॉ अशोक तिवारी ने जानकारी देते हुए लोगों क़ो बताया की- नर्स फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्म 12 मई 1820 को इटली में हुआ था। फ्लोरेंस एक समाज सुधारक थी, उन्होंने अपना पूरा जीवन घायलों की देखभाल के लिए समर्पित कर दिया था। उन्हें द लेडी विद द लैंप के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि वो घायल सैनिकों की देखभाल के लिए हमेशा तैयार रहती थीं, चाहे रात हो या दिन। साथ ही फ्लोरेंस नाइटिंगेल के नर्सिंग में योगदान ने नर्सिंग को महिलाओं के लिए एक पेशे के रूप में बदल दिया। मौके पर कई लोग उपस्थित थें।




















