- लोक अदालत में निबटाये गए वादों का कोई भी अपील नहीं होता है : एसडीओ
- लोक अदालत की सफलता के लिए बने तीन पीठ में कुल 205 वादों में 42 लाख 37 हजार दो सौ पचास रुपये हुआ सेटलमेंट
समस्तीपुर/दलसिंहसराय
(राज कुमार सिंह)
लोक अदालत में वादों का निबटारा करने से समय व पैसे की बचत होती है। उक्त बातें शनिवार को राष्ट्रीय एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशानुसार स्थानीय व्यवहार न्यायालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के उद्घाटन समारोह को सम्बोधित करते हुए जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सह अनुमंडलीय विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष शशिकांत राय ने कही । वहीं एसडीओ प्रियंका कुमारी ने कहा की लोक अदालत में न किसी की जीत होती है और न ही किसी की हार l साथ ही उन्होंने कहा कि छोटे छोटे मामले को समझौता के आधार पर लोक अदालत में वादों का निबटारा करा लेना चाहिए । समारोह को विवेकचंद्र वर्मा, अवर न्यायाधीश प्रथम, मुंसिफ स्पर्श अग्रवाल, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी निभा आनन्द , अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रभात कुमार चौधरी , महासचिव राजीव रंजन सिंहा आदि ने लोक अदालत की महत्ता को बताया ।
लोक अदालत के सफल संचालन के लिए तीन पीठ का गठन किया गया था । लोक अदालत असिस्टेंट गंगेश झा ने बताया कि लोक अदालत में सभी बैंकों के कुल 109 वादों का निस्तारण किया गया जिसमें बयालीस लाख पैंतीस हज़ार सात सौ पचास रुपये का सेटलमेंट हुआ । जबकि बिजली के 05 मामले का निस्तारण हुआ। सुलहनीय अपराधिक फौजदारी के 89 वादों का निस्तारण हुआ । बी एस एन एल के कुल 02 मामले का निस्तारण हुआ जिसमें 1500 रुपये संबंधित विभाग को प्राप्त हुए । कुल 205 मामलों का निस्तारण हुआ जिसमें बयालीस लाख सैंतीस हज़ार दो सौ पचास रुपये का सेटलमेंट हुआ।मौके पर राष्ट्रीय लोक लोक अदालत में अधिवक्ता शिव शंकर प्रसाद वर्मा, संतोष कुमार सिंह, अजय कुमार सिन्हा, राहुल कुमार झा, अभिनव कुमार, कर्मचारीगण श्रीराम सिंह, रामविनोद महतो, मक्केश्वर प्रसाद, रामानंद चौधरी, विशालदीप प्रकाश, प्रकाश रंजन, संगीता झा, मुन्ना, चाँद, हरीश कुमार , पी एल भी संजीत कुमार, सुभाष चंद्र पासवान, धर्मेंद्र कुमार, रामबाबू पासवान, प्रियंका कुमारी आदि ने भरपूर सहयोग किया।




















