= क्योंकि सवाल जैन, बौद्ध, सिख, ईसाई, मुस्लिम, पारसी या अन्य किसी अल्पसंख्यक समाज का नहीं है, सवाल देश की 90% पीड़ित-उत्पीड़ित पीडीए आबादी का है : अखिलेश यादव
दुर्केश सिंह, संपादकीय प्रभारी नजरिया न्यूज, 19अप्रैल।
भाजपा सरकार के तहत मुंबई में तोड़े गये जैन मंदिर के विरोध में उमड़ा ये जैन समाज, देश में भाजपा सरकारों द्वारा अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न के ख़िलाफ़ उफान पर आया वो क्रोध, रोष और आक्रोश है जिसका ज्वालामुखी बहुत दिनों से सुलग रहा था। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कही। वे आगरा में थे। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश के ह्वाट्सएप चैनल पर आगरा से तस्वीरों को पोस्ट करते हुए बताया गया है:
आज ये तस्वीरें पूरी दुनिया में देखी जा रही हैं। भाजपा ने अपनी नकारात्मक राजनीति से हमारे देश की सहिष्णुता की स्वस्थ और स्वच्छ छवि बहुत धूमिल कर दी है।
सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव -01: ह्वाट्सएप चैनल पर शेयर की गई तस्वीर -नजरिया न्यूज
अखिलेश यादव ने कहा:
सबसे बड़ा सवाल ये है कि आज़ादी के इतने सालों बाद आख़िर भाजपा के शासन में ही और विशेषकर भाजपा शासित राज्यों में ही ऐसी घटनाएं क्यों घट रही हैं, और जैन समाज कई बार सड़कों पर उतरने के लिए क्यों मजबूर हुआ है।
सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव -02: अखिलेश यादव के ह्वाट्सएप चैनल पर आगरा से शेयर की गई तस्वीर -नजरिया न्यूज
पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश ने कहा:
ये विशाल जनाक्रोश बता रहा है कि अब भ्रष्ट भाजपा अपने अंतिम चरण में है। जैनियों के कार्यक्रम में भाजपा के लोग प्रवचन देते थे…।
अखिलेश यादव ने कहा:पीडीए की एकता अब और पीड़ा नहीं सहेगी क्योंकि, सवाल जैन, बौद्ध, सिख, ईसाई, मुस्लिम, पारसी या अन्य किसी अल्पसंख्यक समाज का नहीं है, सवाल देश की 90% पीड़ित-उत्पीड़ित पीडीए आबादी का है।



















