मीरा प्रवीण वत्स, विशेष संवाददाता, नजरिया न्यूज, 13मार्च।
उप्र भाजपा सरकार में जब एक सम्माननीय सेवानिवृत्त उच्च सैन्याधिकारी भू-माफियाओं (भाजपा की भू-सेना) की हिंसा का शिकार हो रहे हैं, तो आम आदमी की हालत कितनी बुरी होगी कहने की आवश्यकता नहीं है। देखना ये है कि हिंसा की इस घटना के, जनता के बीच उजागर हो जाने के बाद भाजपा सरकार किसका साथ देती है।
यह प्रतिक्रिया सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव की है। वहीं प्राकृतिक न्याय कहता है कि दूसरे पक्ष का भी बयान साथ ही रखा जाए। संवाद या पत्रकारिता का ककहरा भी यही है। … तीन डाट का अर्थ है कि दोनों पक्ष को सुनकर फैंसला सुनाइए।
देश का दुर्भाग्य है कि जिनसे देश को सबसे ज्यादा उम्मीद है, वहीं दूसरे पक्ष को नजरंदाज कर एक पक्षीय संवाद कर रहे हैं।
सोशल मीडिया के काल के पहले इससे बड़ा कोई जुर्म नहीं था।
अररिया – अवैध बालू–मिट्टी खनन पर प्रशासन की सख्ती, दो ट्रैक्टर जब्त, 2.07 लाख का जुर्माना
नजरिया न्यूज़, अररिया।जिले में अवैध बालू एवं मिट्टी के उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने को लेकर जिला प्रशासन...





















