नजरिया न्यूज़, अररिया। विकाश प्रकाश।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिला बाल संरक्षण इकाई, अररिया की ओर से बालिकाओं और बालकों के संरक्षण को लेकर एक विचार-विमर्श गोष्ठी सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में बाल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इस क्षेत्र में सक्रिय महिलाओं के योगदान को सम्मानित करना था। यह कार्यक्रम उद्योग विभाग, अररिया के सभा भवन में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ADCP शंभू कुमार रजक ने की। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के सचिव रोहित कुमार श्रीवास्तव, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष दीपक कुमार वर्मा उर्फ रिंकू, उप समाहर्ता अनुराधा कुमारी किशोर तथा जिला प्रोग्राम पदाधिकारी रंजना कुमारी मुख्य रूप से उपस्थित रहीं।
गोष्ठी के दौरान वक्ताओं ने बाल संरक्षण, बाल अधिकारों की सुरक्षा तथा समाज में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि बच्चों का सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण में पालन-पोषण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए परिवार, समाज और प्रशासन को मिलकर कार्य करना होगा।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि महिला सशक्तिकरण के बिना बाल संरक्षण की कल्पना अधूरी है। महिलाएं परिवार और समाज की मजबूत आधारशिला होती हैं और उनके सहयोग से ही बच्चों के अधिकारों की प्रभावी रक्षा संभव है।
कार्यक्रम के दौरान बाल संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय और समाज में सकारात्मक योगदान देने वाली कई महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण इकाई के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कर्मी तथा कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अंत में सभी ने मिलकर बच्चों के अधिकारों की रक्षा और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।























