अशोक सिंह सुबेदार, नजरिया न्यूज ब्यूरो मुंबई, 03मार्च।
मुंबई की एसीबी अदालत ने पूर्व सेबी प्रमुख माधबी पुरी बुच और 5 अन्य के खिलाफ कथित शेयर बाजार धोखाधड़ी और नियामक उल्लंघनों के आरोप में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है।
आधिकारिक सूत्रों ने दो मार्च को बताया:
कोर्ट ने कहा, “कानून प्रवर्तन (एजेंसियों) और भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की निष्क्रियता के कारण दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) के प्रावधानों के तहत न्यायिक हस्तक्षेप की आवश्यकता है।”
मुंबई -माधबीपुरी बुच, ऑल टाइम मेंबर्स अश्विनी भाटिया, अनंत नारायण, कमलेश चंद्र वर्श्नेय, BSE के CEO सुंदररमन राममूर्ति और पूर्व चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल के खिलाफ FIR दर्ज करें: कोर्ट
उल्लेखनीय है कि उक्त केस के शिकायतकर्ता ने आरोपितों के खिलाफ जांच की मांग की थी। शिकायतकर्ता एक मीडिया रिपोर्टर हैं और उन्होंने कहा है कि इस मामले में बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी, नियामक उल्लंघन और भ्रष्टाचार किया गया है।
अदालत ने उक्त शिकायत को संज्ञान में लेते हुए भष्ट्राचार निरोधक ब्यूरी (एसीबी) वर्ली, मुंबई को आदेश दिया कि वह माधबीपुरी बुच, ऑल टाइम मेंबर्स अश्विनी भाटिया, अनंत नारायण, कमलेश चंद्र वर्श्नेय, BSE के CEO सुंदररमन राममूर्ति और पूर्व चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल के खिलाफ FIR दर्ज करें।
अदालत के आदेश में जिक्र किया गया कि पांचों आरोपियों के खिलाफ जो आरोप लगे हैं वह संज्ञानीय अपराध की प्रकृति के हैं, जिसके लिए जांच की दरकार है।


















