=वाराणसी के किसी भी चौराहे पर एक घंटे तक खड़ा होकर मोटापे का अध्ययन किया जा सकता है: डॉ. बच्चाराम पांडेय
=सुलतानपुर जिले में भी मोटापा और वजन कम होने की समस्या को देखा जा सकता है, इसका मेटाबॉलिज्म भी हो: डॉ. सदानंद पांडेय
= हर घर में शौचालय अभियान की तरह पीएम मोदी का यह अभियान भी है: डॉ. फरजाना बेगम, राहत संस्था,किशनगंज, बिहार
दुर्केश सिंह, संपादकीय प्रभारी नजरिया न्यूज, 25फरवरी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोटापे को संज्ञान में लिया है। मोटापा कई गंभीर रोगों की शुरुआत की बुनियाद है। स्वयं के प्रति जागरूकता लाने और इस क्रम में मोटापे से लड़ने के लिए अपने-अपने क्षेत्र के दस जाने-माने दिग्गजों को नामांकित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यही रेखांकित किया किया है मोटापा के कारणों की जानकारी को समझने की आवश्यकता है।
पीएम मोदी ने मोटापे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने लिए आनंद महिंद्रा, दिनेश लाल यादव निरहुआ, मनु भाकर, मीराबाई चानू, मोहनलाल, नंदन नीलेकणि, उमर अब्दुल्ला, आर. माधवन, श्रेया घोषाल, सुधा मूर्ति को नामांकित करते हुए यह अपेक्षा जताई कि ये सभी मोटापे के खिलाफ लड़ाई की अलख जगाने के साथ खाद्य तेल की खपत कम करने के लिए लोगों में जागरूकता पैदा करेंगे।

मोटापा के खिलाफ अभियान – हर घर में शौचालय की तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शेप शिफ्ट अभियान चलाने का भी संकेत दिया है, मैं इस अभियान का स्वागत करती हूं: डॉ.फरजाना बेगम, संस्थापिका राहत संस्था किशनगंज
प्रधानमंत्री मोदी ने समाज में असर रखने वाली इन हस्तियों से दस-दस और लोगों को इसी अभियान को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से नामांकित करने का आग्रह किया है।
वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार सिंह, राहत नामक एनजीओ की संस्थापक डॉ फरजाना बेगम और पत्रकार वीरेंद्र चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह अभियान कुछ वैसी ही है, जैसी उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान था।
मोटापे के खिलाफ इस पहल के भी अनुकूल परिणाम सामने आने चाहिए। इसमें वांछित सफलता संभव है लेकिन, जब आम लोग यह समझेंगे कि सेहतमंद जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता बढ़ गई है।
मोदीकेयर के वरिष्ठतम एडवाइजर डॉ ब्च
बच्चाराम पांडेय ने कहा कि वाराणसी शहर के किसी भी स्थान पर एक घंटे खड़े होकर मोटापे की समस्या की भयावहता समझी जा सकती है। शेप शिफ्ट अभियान ही इसका हल है।
मोदीकेयर के वरिष्ठ एडवाइजर डॉ. सदानंद पांडेय ने कहा कि सुलतानपुर जिले में भी यह समस्या देखी जा सकती है।
आज की सुविधापूर्ण जीवनशैली मोटापा बढ़ाने का काम कर रही है। अब लोग उतना शारीरिक श्रम नहीं करते, जितना पहले अपनी सामान्य दिनचर्या के तहत किया करते थे।
उन्होंने कहा कि वही एक एक बड़ा तबका ऐसा भी है जिसका वजन बढ़ ही नहीं रहा है।
वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार इसका मेटाबॉलिज्म है। इसके अतिरिक्त खानपान की आदतें हैं। इसमें बदलाव और मेटाबॉलिज्म को ठीक करके मोटापा और वजन कम होने की समस्या से निजात पाया जा सकता है।

















