विकाश प्रकाश रानीगंज/अररिया। हाल ही में रानीगंज प्रखंड कार्यालय के RTPS काउंटर पर खुलेआम रिश्वत लेने का एक वीडियो तेजी से वीडियो बने वाले व्यक्ति के द्वारा वायरल किया गया है। इस वीडियो में एक युवक काउंटर पर बैठी महिला को पैसे देते हुए दिखाई दे रहा है। हालांकि, वीडियो में काउंटर के भीतर की तस्वीरें नहीं दिखाई दे रही हैं।
जब नजरिया न्यूज की टीम ने वायरल वीडियो की सत्यता की जांच की, तो पता चला कि यह वीडियो रानीगंज प्रखंड के RTPS काउंटर का है। वीडियो में दिखाया गया युवक सीधे तौर पर कुछ कगजात लेते हुए नजर आ रहा है। हालांकि युवक के द्वारा लिखित शिकायत प्रखंड विकास पदाधिकारी को दिया गया कि काउंटर पर उसे पैसा लिया गया है। अवैध रूप से चल रही गतिविधियों की ओर इशारा करती है, इस तरह का वीडियो बनाकर लोग गुमराह कर रहे हैं विभाग को। आम जनता के लिए चिंता का विषय बन गई है।
इस मामले में राष्ट्रीय जनता दल के नेता मयंक पासवान ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को लिखित आवेदन दिया है। मयंक ने अपने आवेदन में बताया है कि वह 3 सितंबर 2024 को दोपहर करीब तीन बजे प्रखंड परिसर में स्थित RTPS काउंटर पर पहुंचे थे। वहां मयंक पासवान देखा कि काउंटर पर अवैध रूप से लोगों से पैसे लिए जा रहे थे। यह बात सिर्फ मयंक पासवान ही जानते हैं कि उन्होंने ही देखा है। मयंक पासवान काउंटर पर शिल्पा गुप्ता से बातचीत की, जिन्होंने कहा कि लोग जबरदस्ती पैसे रखकर चले जाते हैं और पैसे के बल पर रानीगंज की जनता जल्दी काम करने का दबाव बनाते हैं।
Viral video : विडियो की पुष्टि नजरिया न्यूज नहीं करती है।
मयंक ने आगे कहा कि पैसे के लेन-देन का वीडियो रिकॉर्ड भी मौजूद है, वीडियो देखने से स्पष्ट होता है कि यह अधूरा वीडियो है इसकी पूरी तरह जांच की जाए। इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह बयान इस बात की पुष्टि करता है कि काउंटर पर चल रही गतिविधियाँ केवल एक इक्का-दुक्का घटना नहीं हैं, बल्कि यह एक व्यापक समस्या का हिस्सा हैं, जिससे आम जनता को लगातार परेशानी हो रही है।
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए रानीगंज के प्रखंड विकास पदाधिकारी ने फोन के माध्यम से बताया कि उन्हें आवेदन प्राप्त हुआ है और इसे जिला स्थापना को भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में उन्हें कोई विशेष कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है, इसलिए आवेदन को उचित कार्रवाई के लिए जिला स्थापना में भेजा गया है।
यह घटना भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने की आवश्यकता को रेखांकित करती है। इस तरह की गतिविधियों का खुलासा करना न केवल समाज के लिए आवश्यक है, बल्कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता भी है। यदि इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते हैं, तो इससे जनता का विश्वास सरकारी संस्थाओं पर कम होगा और इससे लोगों में आक्रोश भी पैदा हो सकता है।























