नजरिया सम्वाददाता बारसोई कटिहार।
एक तरफ जीविका केडर हड़ताल में चली गई है। और अनिश्चितकालीन हड़ताल का स्मारपत्र पदाधिकारी को सोंपने जा रही थी। वहीं दूसरी तरफ सोमवार को ही बीपीएम ने आबादपुर में आम सभा का आयोजन रखा है। जो की बिल्कुल विरोधाभास वाला कार्यक्रम है। और जब दीदीओं को यह पता चला कि आज हम लोग हड़ताल पर जा रहे हैं। और आज आमसभा का आयोजन किया गया है तो जीविका कार्यकर्ता गण बीपीएम से उलझ गईं दोनों तरफ से जबरदस्त नोक- झोंक हुआ बाद में पुलिस के हस्तक्षेप करने पर मामला शांत हुआ बताते चलें की प्रखंड के आबादपुर पंचायत के आबादपुर मार्केट में सोमवार को बारसोई जीविका कैडर संघ की ओर से सागर सीएलएफ आबादपुर के सभी कैडर्स, समुह सदस्य तथा ग्राम संगठन की सभी अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष ने लगभग 300 की संख्या में पहूंचकर सागर सीएलएफ आबादपुर की अध्यक्ष को अनिश्चितकालीन हड़ताल का ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में लगभग 700 कैडर्स और समूह के प्रतिनिधि दीदियों का हस्ताक्षर है।
वहीं प्लानिंग के तहत हड़ताल का आवेदन देखकर अध्यक्ष ने आवेदन लेने से इंकार कर दिया । उसने कहा कि चूंकि अभी बीपीएम सीएलएफ में चल रहे आम सभा में व्यस्त है। इसलिए आवेदन नहीं लिया जाएगा। जबकि आवेदन लेने और पावती देने का अधिकार अध्यक्ष महोदया को है। इस पर सभी कैडर्स काफी आक्रोशित हो गए। जमकर नारेबाजी करने लगे। वहीं विरोध के दबाव में आकर अध्यक्ष आवेदन लेने के लिए तैयार हो गए। परन्तु उन्हें रोकने के लिए आवेदन की पावती या रिसिविंग देने में दो-तीन घंटा लगा दिए। इधर केडरों को रोक कर अन्य कुछ कैडरों के साथ बीपीएम निक्की सेठिया आम सभा करने में व्यस्त रही। जबकि उनको बिहार प्रखंड जीविका कैडर संघ की ओर से पूरे प्रखंड के कैडर और जीविका दीदियों का अनिश्चितकालीन हड़ताल में जाने की सुचना 14 सितंबर को दी जा चुकी है।
वहीं एसजेवाई, एमआरपी ने भी हड़ताल का आवेदन बीपीएम के पास और सीएलएफ में जमा कर दिया है। बावजूद इसके सागर सीएलएफ आबादपुर में सीएलएफ अध्यक्ष और बीपीएम द्वारा मनमाने रूप से आम सभा का आयोजन किया गया। इसपर केडरों का जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। जमकर नोक झोंक भी हुई बाद में आबादपुर पुलिस के हस्तक्षेप करने पर मामला शांत हुआ। इस अवसर पर जीविका के प्रखंड अध्यक्ष शाहजान अली, सचिव कन्हैया कुमार, कोषाध्यक्ष नजमा खातून, शगुफ्ता नसरीन, मो. मन्नान, पतारी खातुन, सुमा, झरना देवी, नूरानी खातुन, तबस्सुम, रिजवाना, राजेना, मुन्नी, यासमीन, मंसूरा, पारबीन आदि सहित 300 से अधिक कैडर्स और जीविका दीदियां प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं।























