- व्यवहार न्यायालय अररिया में राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया
- 15 बेंचों का गठन किया गया है
नजरिया न्यूज़ अररिया। विकाश प्रकाश। व्यवहार न्यायालय अररिया के प्रांगण में शनिवार को साल के दुसरे लोक अदालत का उद्घाटन डिस्ट्रिक्ट जज,प्रिसिंपल जज अररिया एडीएम, अररिया एसपी, एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एवम सेशन जज-1 सहित पक्ष कार महिलाओं के द्वारा सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
उद्घाटन सत्र के मौके पर सभी न्यायिक पदाधिकारी, एडीएम अररिया, एसपी अररिया सहित जिला बार एसोसिएशन व जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष महासचि सहित दर्जनों अधिवक्ता व विभिन्न बैंकों के पदाधिकारीगण उपस्थित थें। वहीं कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डिस्ट्रिक्ट जज ने राष्ट्रीय लोक अदालत में आए पदाधिकारी कर्मियों सहित पक्षकारों का स्वागत किया साथ ही उन्होंने लोक अदालत में आए पक्ष कारों को लोक अदालत के बारे में जानकारी दी,
उन्होंने कहा कि लोक अदालत एक सीधा और सरल माध्यम है कि सुलह और शांति के साथ सारे मामलों का निपटारा करते हैं। और शांति भी हमें समाज में स्थापित करनी है। हर छोटा-छोटा मामला कभी भी बड़े मामले को जन्म दे सकता है। उसको जड़ से खत्म कर देना है।
साथ ही उन्होंने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में मुख्य रूप से दण्डनीय शमनीय मामले एन आई एक्ट मामले, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के मामले जिसमे दुर्घटना सूचना रिपोर्ट तथा राज्य परिवहन मामले भी शामिल है। वैवाहिक वाद परिवार न्यायालय के मामले, श्रम विवाद से संबंधित मामले जिसमे नीति के अनुसार बिना पारिश्रमिक के पुनः नियोजन के मामले जिसमे औद्योगिक श्रमिकों के मजदूरी तथा लाभों के मामले, भूमि अधिग्रहण मामलों व औद्योगिक बोर्ड ओ एन जी सी रेलवे से संबंधित भूमि अधिग्रहण से संबंधित वाद तथा उनसे संबंधित निष्पादन वाद, दीवानी न्यायालय से संबंधित वाद जिसमे किरायेदारी, बैंक वसूली, इज़मेन्ट राइट वाद से संबंधित वर्ण वसूली ट्रिब्यूनल के बाद,
राजस्व वाद, मनरेगा, विद्युत, पानी व बिल से संबंधित वाद व विधुत चोरी, सेल्स टैक्स व इनकम टैक्स, इनडाइरेक्ट टैक्स रेवेन्यू से संबंधित व अन्य कमर्शियल से संबंधित टैक्स, सर्विस मैटर से संबंधित वाद, वन अधिनियम से संबंधित मामले, केंटोनमेंट बोर्ड से संबंधित मामले,
रेलवे क्लेम से संबंधित मामले, आपदा क्षतिपूर्ति से संबंधित मामले, अपील दांडिक सिविल एवं प्रक्रीन वाद मूल्य वाद याचिकाएं मोटर दुर्घटना दावा अपील, व दो लाख से कम अमाउंट वाले 138 एन आई एक्ट के मुकदमे तथा अन्य सभी आच्छादित मामले जो आपसी सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित कराया जाएंगे। विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अमरेंद्र प्रसाद ने बताया कि इस संबंध में यदि कोई पक्षकार अपना मामला राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह करना चाहते हैं तो वह संबंधित न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर वाद निस्तारित करा सकते हैं।























