- सांसदों, मजदूरों, कांग्रेसियों को डरो मत का संदेश देने के बाद आज लोको पायलट को राहुल गांधी ने दिया डर मत का संदेश
- किसी भी सार्वजनिक स्थान पर भाजपा की नीतियों की आलोचना करते ही 10लोग मुंह पकड़ लेंगे; आर एस एस के एक जिलास्तरीय पदाधिकारी
*दुर्केश सिंह, संपादकीय प्रभारी, नजरिया न्यूज, 08जुलाई।*
भारत ही नहीं पूरी दुनिया में दास प्रथा का चलन था। इंसान को दास बनाया जाता था और वो कीमत का भुगतान करते हुए पूरी जिंदगी किसी की गुलामी करते थे।दास का मतलब है किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा अधिकृत और आजादी से रहित व्यक्ति माना जाता था। इसका बीज आज भी मौजूद है। इसका खुलासा राहुल गांधी ने आज किया है। वर्ष 2014 में गुलामी के बचे हुए बीज को समूल विनाश के लिए लोगों ने नरेंद्र मोदी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी। 2019 में भी नरेंद्र मोदी की पूर्ण बहुमत की सरकार देशवासियों ने बनाई थी। वर्ष 2024 में नरेंद्र मोदी ने एनडीए के समर्थन से देश में सरकार बनाई है। लेकिन गुलाम बनाने की प्रथा के बीज घटने के बजाय और बढ़ता ही जा रहा है।
राहुल गांधी ने बतौर विपक्ष के नेता गुलामी के बीज को समूल विनाश को लेकर “डरो मत” का अभियान चला रहे हैं। लोकसभा में डरो मत अभियान के तहत भगवान शिव को लेकर ही राहत गांधी पहुंच गए थे। इस प्रकार का अभियान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से चलाने की उम्मीद देश कर रहा है। तीन नये कानून जो एक जुलाई से लागू किया गया है, वह भयमुक्त समाज के निर्माण में मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह बात भाजपा के कार्यकर्ता कह रहे हैं। आरएसएस एक जिलास्तरीय पदाधिकारी ने कहा कि किसी में हिम्मत नहीं है कि वह भाजपा की नीतियों की आलोचना करें। आलोचना के लिए मुंह खोलते ही 10लोग मुंह पकड़ लेंगे।
फिलहाल लोकसभा में बीते दिनों राहुल गांधी ने सांसदों को संदेश दिया कि भगवान शिव अभय रहने का आशीर्वाद देते हैं। अन्य धर्मों में भी अभय रहने का संदेश दिया गया है। भय ही गुलामी का कारण है। यही संदेश देने के लिए वे आज लोको पायलट से भी मिले। इससे पहले दिल्ली के दिहाड़ी मजदूरों से मिले थे। हाथरस और गुजरात में भी अपने अभियान को लेकर राहुल गांधी लोकसभा चुनाव 2024 के बाद पहुंच चुके हैं।आज लोको पायलट का दर्द राहुल गांधी के समक्ष छलक पड़ा। उल्लेखनीय है कि डरो मत का संदेश सभी सांसदों ने आत्मसात कर लिया तो राजनीति में गुलामी की प्रथा का अंत हो जाएगा। इस अभियान का सबसे अधिक लाभ देश को मिलेगा।























