मरने वालों में बंगाल के सब इंस्पेक्टर मालगाड़ी का चालक सहायक और कंचनजंगा के गांड की मौत
वीरेंद्र चौहान, नजरिया ब्यूरो किशनगंज।
सोमवार को कंचनजंगा एक्सप्रेस न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन से 10 किमी दूर रंगापानी के पास निजबारी क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गई।इस घटना में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। खबर लिखे जाने तक चार लोगों की पहचान हो गई थी। मृतकों में गोरूबाथन के सब इंस्पेक्टर कालेब सुब्बा(37) , जलपाईगुड़ी जिले के अनिल कुमार(लोको पायलट ) ,आशीष दे
और कोलकाता के शंकर मोहन दास शामिल हैं। जबकि घायलों की संख्या 47 है। कंचनजंगा के तीन डिब्बे प्रभावित हुए। दुर्घटना के चार घंटे बाद कंचनजंगा एक्सप्रेस के टूटे हुए हिस्से को तोड़कर सियालदह के लिए रवाना कर दिया गया। अस्पताल का जायजा लेने के बाद सांसद राजू बिष्ट ने कहा की मरने वाली की संख्या 9 हो गई है। सूत्रों के मुताबिक करने वाले की संख्या 15 तक पहुंच चुकी है।कई गंभीर है। जिसका इलाज चल रहा है। मिली जानकारी के अनुसार यह भयानक ट्रेन हादसा सुबह 8:50 बजे हुआ। फिर दोपहर 12:40 बजे कंचनजंघा एक्सप्रेस का बचा हुआ हिस्सा यात्रियों को लेकर मालदह के लिए रवाना हुआ। ट्रेन के सुबह 8:30 बजे तक सियालदह पहुंचने की उम्मीद है। यात्रियों को पानी और खाना दिया गया ।इस दिन कंचनजंगा एक्सप्रेस को सियालदह के लिए रवाना किया गया, लेकिन दुर्घटनाग्रस्त मालगाड़ी अभी भी लाइन में खड़ी है। जिसके चलते इस रूट से ट्रेनों की आवाजाही अभी बंद है।
इसके चलते लंबी दूरी की कई ट्रेनों को घुमाकर चलाने का निर्णय लिया गया है। रेलवे अधिकारी के मुताबिक सरायघाट एक्सप्रेस, गुवाहाटी बेंगलुरु एक्सप्रेस, एनजेपी-हावड़ा बंदेवरात एक्सप्रेस, कामरूप एक्सप्रेस, उत्तर बंगाल एक्सप्रेस एनजेपी, सिलीगुड़ी जंक्शन, बागडोगरा, अलुआबाड़ी होकर चलेंगी। जानकारी के मुताबिक, ये हादसा सुबह 9 बजे के आसपास हुआ। कंचनजंगा एक्सप्रेस अगरतला से सियालदाह जा रही थी। तभी पीछे से आ रही एक मालगाड़ी ने उसे टक्कर मार दी। रेलवे बोर्ड की चेयरमैन जया वर्मा सिन्हा ने बताया कि मालगाड़ी के ड्राइवर (लोको पायलट) ने सिग्नल को पूरी तरह से अनदेखा कर आगे बढ़ गया था। इस दुर्घटना में ड्राइवर और ट्रेन के गार्ड की भी मौत हो गई है।ये इस साल का अब तक का सबसे बड़ा रेल हादसा है। इससे पहले पिछली साल जून में ही ओडिशा के बालासोर में बड़ा हादसा हुआ था। तब कोरोमंडल एक्सप्रेस पटरी पर खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई थी।इस हादसे में लगभग तीन सौ लोगों की मौत हो गई थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर यह संदेश दिया। उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल में रेल दुर्घटना दुखद है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है उनके प्रति संवेदनाएं।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , गृह मंत्री अमित शाह और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हादसे पर दुख जताया और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की. उधर, जान गंवाने वालों और घायलों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है।रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्वीट किया, ‘पीड़ितों को बढ़ी हुई अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी. मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख, जिन्हें गंभीर चोटें आई हैं उन्हें 2.5 लाख और जिन्हें मामूली चोटें आई हैं उन्हें 50 हजार की राशि दी जाएगी। प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों को 2 लाख की राशि देने की घोषणा की गई है। हादसा इतना भीषण था कि ट्रेन के डिब्बे एक ऊपर एक चढ़ गए. टक्कर के बाद ट्रेन के परखच्चे उड़ गए। उनमें से तीन बोगियां बुरी तरह से डैमेज हो गईं हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर क्यों बार बार रेल हादसे होते हैं। इस संबंध में रेलवे सुरक्षा से जुड़े लेकिन नाम ना छापने की मनाही की है।
घटनास्थल पर पहुंचे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव:-
इस बीच स्थिति का जायजा लेने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव घटनास्थल पर पहुंचे। रेल मंत्री आज बागडोगरा एर्पॉर्ट पर उतरने के बाद घटनास्थल के लिए रवाना हुए। रेल मंत्री शाम चार बजे दुर्घटनास्थल पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि हादसे के पीछे की कारणों की जांच की जा रही है। कारणों का पता लगाने के बाद ऐसी घटना दोबारा न हो इस पर ध्यान दी जाएगी। यात्रियों बरामद हो चुका है। इसके अलावा क्षतिग्रस्त डिब्बों को रेलवे लाइन से हटाने का काम जारी है। जल्द रेल परिसेवा को सामान्य करने कोशिश की जा रही है।
ट्रेन दुर्घटना में सब इंस्पेक्टर की मौत:-
सोमवार सुबह कंचनजंगा एक्सप्रेस ट्रेन हादसे का शिकार हो गई। ट्रेन कोलकाता के सियालदाह स्टेशन जा रही थी और सिलीगुड़ी के रंगापानी क्षेत्र में एक मालगाड़ी ने पीछे से उसे टक्कर मार दी। मृतकों में गोरूबाथन का 37 वर्षीय सब इंस्पेक्टर कालेब सुब्बा की मौत हो गई है। सभी मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है।दार्जिलिंग डीएम प्रीति गोयल लगातार कैंप कर रही है। टीएमसी जिलाध्यक्ष सहित अन्य नेता भी यहां पहुंचे । रेलमंत्री घटना स्थल के बाद मेडिकल कॉलेज में चिकित्सरत यात्रियों से मिले।























