नजरिया न्यूज गोपालगंज। लोकसभा चुनाव के दौरान बिहार के गोपालगंज में अजब गजब नजारा देखने को मिला एक निर्दलीय प्रत्याशी नामांकन फॉर्म जमा करने गधे पर बैठकर डीएम कार्यालय पहुंचे, प्रत्याशी बैठा के अनुसार गोपालगंज के किसी नेता ने 30-40 वर्षों में किसी तरह का विकास नहीं किया और जनता को गधा बनाने का काम किया है, इसलिए वे जनता को जागरूक करने के लिए गधे पर बैठकर नामांकन जमा करने पहुंचे हैं।
गपालगंज में लोकसभा का चुनाव छठे चरण में आगामी 25 मई को मतदान होना है, नामांकन की प्रक्रिया 29 अप्रैल से 06 मई तक है, आज शुक्रवार को नामांकन के पांचवें दिन दोपहर निर्दलीय प्रत्याशी गधे पर बैठकर अपना नामांकन फॉर्म जमा करने डीएम कार्यालय पहुंचे, कुचायकोट प्रखंड के शामपुर गांव के रहनेवाले पूर्व जिला पार्षद सत्येंद्र बैठा तीसरी बार लोकसभा का चुनाव लड़ रहे हैं, नामांकन पर्चा भरने के बाद सत्येंद्र बैठा ने कहा कि लोकसभा चुनाव का प्रचार-प्रसार भी गदहा से ही करेंगे, हालांकि इस दौरान उनके साथ उनके समर्थक भी मौजूद थे, सत्येंद्र बैठा ने गधे पर बैठकर ही रैली भी निकाली, ऐसे में जहां से भी वह निकले तो लोग उनको देखते ही रहे, क्योंकि उनका इस तरह से गधे पर बैठकर नामांकन फॉर्म जमा करना अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
इधर गधे पर बैठकर अपना नामांकन फार्म जमा करने पहुंचे बैठा ने मीडिया को बताया कि वे गधे पर बैठकर इसलिए नामांकन जमा करने आए हैं क्योंकि गोपालगंज के जीते हुए नेताओं ने जनता को गधा बनाने का काम किया है, वे लगातार क्षेत्र की जनता के वोट ले रहे हैं, लेकिन विकास उनके अपने घरों पर हो रहा है, उन्हीं के बंगले और प्रॉपर्टी बन रही हैं, जिस वजह से आम मतदाता गधा बन रहा है, इसलिए उन्होंने इस तरह का विरोध प्रदर्शन किया है, उन्होंने बताया कि उन्होंने निर्दलीय फॉर्म जमा किया है, वही उन्होंने कहा कि गोपालगंज के सांसद ने सालों से सत्ता में बने रहने के बाद भी क्षेत्र का विकास नहीं किया और भोली भाली शहर की जनता को मूर्ख समझकर रखा हुआ है गोपालगंज से जीतकर जब वे लोकसभा जाएंगे तो सबसे पहले वर्षो से बंद पड़े सासामुसा चीनी मिल को फिर से चालू कराने का काम करेंगे, गोपालगंज में लॉ कॉलेज, यूनिवर्सिटी की स्थापना कराएंगे, आयुर्वेद अस्पताल और सारण बांध को पीसीसी कराने का काम करेंगे।























