- दूसरे चरण में पश्चिम बंगाल की तीन सीटों पर होगा मतदान
- इन तीनों सीटों पर 2019में भाजपा ने जीत दर्ज की थी
बीरेंद्र चौहान/दुर्केश सिंह, नजरिया न्यूज, पश्चिम बंगाल,23अप्रैल।
लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में पश्चिम बंगाल की तीन सीटों पर मतदान होना है। इन तीनों सीटों पर पिछली बार भाजपा ने जीत दर्ज की थी। इस बार भी वह प्रदर्शन बरकरार रखना चाहेगी तो टीएमसी यहां वापसी करना चाहेगी।
उत्तर बंगाल में स्थित रायगंज, बालुरघाट और दार्जिलिंग की तीन सीटों पर मतदान होना है। रायगंज और बालुरघाट में सभा कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बंगाल में घुसपैठ, शासन में भ्रष्टाचार और संदेशखाली की गुंडागर्दी के खिलाफ हुंकार भरी थी, लेकिन 10वर्षों में उन्होंने देश या उत्तर बंगाल में क्या किया, इस पर वे कुछ नहीं बोल रहे हैं।
एक मात्र राष्ट्रीय मुद्दा घुसपैठ को नरेंद्र मोदी ने उठाया है जिसके लिए भारत सरकार का गृह मंत्रालय जिम्मेवार है। घुसपैठ रोकना केंद्र सरकार का कार्य है।
वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नरेंद्र मोदी का नारा चार सौ पार को कठघरे में खड़ा कर रही हैं। मंसूबे को खतरनाक बता रही हैं।400 पार को 420 बता रही हैं। इंडिया गठबंधन के न्याय पत्र में शामिल सभी वायदों को पूरा करने सहित घर-घर राशन पहुंचाने की योजना को टीएमसी के घोषणा पत्र में ममता बनर्जी ने शामिल किया है।रामनवमी के दिन बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा-पत्र जारी कर राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) पर रोक और केंद्र में सत्ता में आने पर जिस नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को रद करने की घोषणा की है। चुनावी दौरे में अपने आधार वोटरों को याद करा रही हैं। रायगंज में मुस्लिम आबादी 50 प्रतिशत है।
दार्जिलिंग सीट पर अंतिम समय में भाजपा सांसद राजू बिष्ट को दूसरी बार टिकट देकर भाजपा ने तृणमूल को ‘भूमिपुत्र’ की खोज का मौका दे दिया है। दरअसल, पिछले चार चुनाव से दार्जिलिंग में कभी भी भाजपा का स्थानीय उम्मीदवार नहीं रहा। तृणमूल इस सीट पर भूमिपुत्र के रूप में इसी क्षेत्र में कभी लंबे समय तक तैनात रहे अधिकारी गोपाल लामा को टिकट देकर स्थानीय बनाम बाहरी का नारा गढ़ रही है। कांग्रेस ने भी इसी एजेंडे पर स्थानीय डाक्टर मुनीष तामांग को टिकट दिया है।
वीडियो परिचय : भाजपा के 400पार पर प्रहार करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी -नजरिया न्यूज
रायगंज लोकसभा सीट पर भाजपा अपने सांसद का टिकट काटा है।,वहीं तृणमूल ने भी कभी भाजपा के ही विधायक रहे कृष्ण कल्याणी को मैदान में उतारा है।
*रायगंज सीट पर तृणमूल का नहीं खुला खाता:*
रायगंज सीट पर तृणमूल का अभी तक खाता नहीं खुला है। यह सीट कभी बंगाल के मुख्यमंत्री रहे सिद्धार्थ शंकर राय, कांग्रेस के केंद्रीय मंत्री रहे प्रियरंजन दासमुंशी और उनकी पत्नी दीपा दासमुंशी की थी। दीपा दास और वाममोर्चा के मोहम्मद सलीम पिछले बार भी मैदान में थे।
*पश्चिम बंगाल में 16 सीट पर है भाजपा का कब्जा, इंडिया गठबंधन का न्याय पत्र मोदी के गारंटी पत्र पर पड़ रहा भारी:*
भाजपा का पश्चिम बंगाल में राज्य से राज्यसभा में 2 और लोकसभा में 16 सीटें हैं। इसके अलावा, पार्टी के पास पश्चिम बंगाल विधानसभा में 70 सीटें हैं। उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल भारत के पूर्वी भाग में स्थित महत्वपूर्ण राज्य है। यहां ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस की सरकार है। यहां 295 विधानसभा और 42 लोकसभा सीट हैं। 23 जिलों वाले इस राज्य की राजधानी कोलकाता है। पश्चिम बंगाल के राजनीतिक सूत्रों ने बताया कि मोदी के गारंटी में अगले पांच वर्ष के लिए कुछ नहीं है। इंडिया गठबंधन का न्याय पत्र भाजपा के वोटरों को लुभा रहा है।




















