- कम भ्रष्टाचार और अत्यधिक कुशल कामग़ार के चलते दक्षिण एशिया में सिंगापुर जैसा छोटा देश अव्वल-कनाडा सिरमौर
- व्यापक आर्थिक स्थिरता, राजनीतिक स्थिति, बाज़ार में मौक़े, व्यापार को लेकर प्रतिबंध और टैक्स व्यवस्था के आधार पर किया गया आकलन
अनिल उपाध्याय, पूर्वांचल न्यूज ब्यूरो, 13अप्रैल। भारत विश्व की पांचवीं अर्थव्यवस्था है। प्रति व्यक्ति आय के मामले 121देशों से पीछे है। बिजनेस के लिहाज से 50 देशों से पीछे है।
बिज़नेस न्यूज़ के लिए जाना जाने वाले द इकोनॉमिस्ट ग्रुप के रिसर्च विंग की रिपोर्ट में अर्जेंटीना की स्थिति में बदलाव देखा जा सकता है, वहीं चिली की स्थिति में बड़ी गिरावट है।भारत इस लिस्ट में 51वें नंबर पर है।
ईआईयू की इस वैश्विक लिस्ट में वो देश शामिल हैं जो बड़े निवेशकों को अपनी पूंजी का निवेश उनके क्षेत्रों में करने का फ़ैसला करने के लिए सबसे बेहतर मौक़े देते हैं।
व्यापक आर्थिक स्थिरता, राजनीतिक स्थिति, बाज़ार में मौक़े, व्यापार को लेकर प्रतिबंध और टैक्स व्यवस्था शामिल हैं। लातिन अमेरिका में ईआईयू के वरिष्ठ अर्थशास्त्री निकोलस सालदिया कहते हैं, “हम इस बात का आकलन करते हैं कि आने वाले पांच सालों में क्या हो सकता है।
कैप्शन: कनाडा का एक शॉपिंग सेंटर-फाइल फोटो
इस स्टडी के लिए कुल 91 इंडीकेटर्स निर्धारित किए गए थे जिन्हें कुल 11 श्रेणियों में बांटा गया था. इनके आधार पर रिसर्चर्स ने 82 देशों की एक लिस्ट बनाई है।
निकोलस कहते हैं, “अपने विश्लेषण में हमने राजनीतिक अस्थिरता के ख़तरे जैसे इंडीकेटर को भी जगह दी क्योंकि किसी देश के व्यापार वातावरण पर इसका असर पड़ता है।
ईआईयू की रिपोर्ट के अनुसार, लिस्ट में सिंगापुर, डेनमार्क और अमेरिका पहले, दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं. आने वाले सालों में ये देश सबसे अधिक निवेश आकर्षित कर सकते हैं. सूची में इनके बाद जर्मनी और स्विट्ज़रलैंड का नाम है।
इस लिस्ट में टॉप 10 मुल्कों में इनके अलावा कनाडा, स्वीडन, न्यूज़ीलैंड, हॉन्ग कॉन्ग और फिनलैंड शामिल हैं।
*दक्षिण एशिया:*
दक्षिणपूर्व एशिया का एक छोटा सा देश इस लिस्ट में सबसे ऊपर है।60 लाख की आबादी वाला सिंगापुर बड़े निवेशकों के लिए स्वर्ग बना हुआ है।इसका कारण है व्यापार को लेकर खुलापन, बदलती तकनीक के साथ बदलाव लाना, राजनीतिक स्थिरता और कम भ्रष्टाचार।
सिंगापुर तकनीक, उत्पादन और वित्तीय सेवाओं क क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को काफी बढ़ावा देता है।साथ ही कम टैक्स और व्यापार में रुकावटों को हटाने का पक्षधर है।
ये छोटा सा देश अपने यहां रहने वाली कपनियों को प्रोत्साहन तो देता ही है, इसने वाणिज्यिक गतिविधि बढ़ाने के लिए बंदरगाहों, हवाई अड्डों, सड़क और सार्वजनिक यातायात में भी बड़ा निवेश किया है।
सिंगापुर समुद्र के रास्ते होने वाले व्यापार का भी बड़ा केंद्र है।इसके पास अत्यधिक कुशल कामग़ार हैं जो बड़े निवेशकों को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं।
ईआईयू की रिपोर्ट में बिज़नेस के लिहाज़ से टॉप 10 देशों के अलावा एक और लिस्ट भी दी गई है।
इस लिस्ट में रैंकिंग के आधार पर देशों के नाम शामिल नहीं किए गए हैं बल्कि उन देशों के नाम हैं जिनकी स्थिति में सुधार हुआ है और आने वाले सालों में वो अधिक निवेश आकर्षित कर सकते हैं।
इस लिस्ट में सबसे पहला नाम ग्रीस (वैश्विक रैंकिंग में 34वां स्थान) का है, जिसके बाद अर्जेन्टीना (54वां स्थान), भारत (51वां स्थान), अंगोला (78वां स्थान) और क़तर (26वां स्थान) का नाम है।
दक्षिणपंथी नेता जेवियर माइली के दक्षिण अमेरिकी देश अर्जेन्टीना का राष्ट्रपति बनने के बाद से इसकी स्थिति में सुधार आया है और ये ग्रीस के बाद दूसरे नंबर पर है।
अगले पांच सालों में यहां निजी निवेश आकर्षित करने की बड़ी संभावना देखी जा रही है।





















