नज़रिया न्यूज़ अररिया। अररिया लोकसभा में अपना भाग्य आजमा रहे पूर्व डीएसपी एवम वर्तमान प्राध्यापक पटना साइंस कॉलेज डॉ अखिलेश कुमार ने फारबिसगंज स्थित बरार ढाबे में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया जिसमें डिजिटल, प्रिंट एवम इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लोग जुटे।
2 घण्टे तक चली इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ अखिलेश ने मौजूदा एवम पहले के सभी सांसदों को निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ एजेंट की भूमिका निभाई।उनके लिए पार्टी प्रथम पार्टी द्वितीय और पार्टी ही तृतीय प्राथमिकता रही और जनता बस वोट बैंक।
उन्होंने जनमत तो लिया लेकिन जनहित में कुछ नही किया।अगर किया होता तो आज हमारा अररिया इस कदर अभाव और कुव्यवस्था के दंश नही झेल रहा होता।
श्री अखिलेश कुमार से जब एक पत्रकार ने यह पूछा कि आप अपने लिए वोट किस तरह मांग रहे है तो डॉ अखिलेश ने कहा कि मैंने अबतक किसी को यह नही कहा कि मुझे ही वोट देना ।मैंने हमेशा सबसे बेहतर को चुने जाने की बात कही है।अगर मैं सभी मौजूदा उम्मीदवारों में सबसे बेहतर विकल्प हूँ तो मुझे वोट करे ।
श्री कुमार ने अपने प्रेस वार्ता में स्पष्ट कहा कि यह चुनाव बस वोट का नही है बल्कि देश के लोकतांत्रिक चेहरे को बनाये रखने का प्रयास है। आगे डा अखिलेश कहते हैं कि उनकी लड़ाई स्थानीय उम्मीदवार से है ही नही , उनकी लड़ाई तो मोदी जी , राहुल जी , लालू जी , नीतीश जी, तेजस्वी , चिराग जैसे लोगों से है क्योंकि स्थानीय दोनो ही उम्मीदवार इन्हीं के नाम पर तो वोट मांगते हैं ।
उन्होंने बताया कि उनके द्वारा लड़ा जा रहा ये चुनाव सिर्फ एक चुनावी उम्मीदवारी के रूप में न देखा जाए। वो राजनीति के कुछ हाथों में केंद्रित हो जाने के खिलाफ़ लड़ है है ये चुनाव है।उन्होंने इसे पॉलिटिकल कॉलेजियम का नाम दिया।उन्होंने कहा कि देश में कौन जनप्रतिनिधि बनेगा यह सबकुछ क्यों मोदी ,राहुल,लालू,नीतीश अखिलेश, ममता ही तय करे? देश में प्रतिनिधि जनता के मत से ही बनेंगे यह वाली कांसेप्ट खत्म हो रही है। कोई भी धनबल जातिबल पार्टिबल पर चुनाव में आ जा रहा है और जनता बेमन उनके लिए वोट भी कर रही है क्योंकि उसके पास विकल्प नही है तो हम उस विकल्पहीनता के खिलाफ़ भी लड़ रहे है।
विकल्पहीनता के खिलाफ़ मेरी ये लड़ाई हमेशा जारी रहेगी फिर चाहे नतीज़े जैसे भी हो।
गौरतलब है कि श्री कुमार बीतें बिहार विधानसभा चुनाव में नरपतगंज से भी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ चुके है।
श्री कुमार इससे पहले बिहार पुलिस सेवा में बतौर डीएसपी अपनी सेवा दे चुके है और वर्तमान में पटना साइंस कॉलेज में प्राध्यापक के रूप में सेवा दे रहे है।























