स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ समय पहले कोशी कॉलोनी में एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) से जुड़े विवाद के कारण निर्माण कार्य रोक दिया गया था। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब दोबारा नाला निर्माण शुरू कराया गया है। हालांकि, कई लोगों का कहना है कि यदि नाले का पानी बाहर निकलने का समुचित मार्ग नहीं होगा तो उसमें लंबे समय तक पानी जमा रह सकता है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ने, दुर्गंध फैलने और संक्रामक बीमारियों का खतरा उत्पन्न होने की आशंका जताई जा रही है।
निर्माण स्थल पर मौजूद संवेदक के मुंशी से जानकारी लेने पर बताया गया कि कार्य अररिया नगर परिषद के जूनियर इंजीनियर (जेई) विकास कुमार की देखरेख में कराया जा रहा है। इस संबंध में जब जेई विकास कुमार से नाले की निकासी व्यवस्था के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि भविष्य में इस नाले को सर्विस लेन के माध्यम से स्टेट हाईवे के नाले से जोड़ने की योजना है।
हालांकि, स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि स्टेट हाईवे का पानी भी इसी नाले में आएगा तो बरसात के दौरान जलभराव की समस्या और गंभीर हो सकती है। उनका मानना है कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले निकासी व्यवस्था को पूरी तरह स्पष्ट और तकनीकी रूप से सुनिश्चित किया जाना चाहिए था।
वहीं, कुछ स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि बिना स्पष्ट जल निकासी व्यवस्था के नाला निर्माण कराना सरकारी राशि के उचित उपयोग पर सवाल खड़े करता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। लोगों ने मांग की है कि नगर परिषद एवं संबंधित विभाग इस परियोजना की तकनीकी और प्रशासनिक समीक्षा कराएं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो।





















