आवेदन के अनुसार संबंधित भूमि खाता संख्या 449 तथा खेसरा संख्या 834, 295 और 302 में दर्ज है, जिसका कुल रकबा लगभग 1 एकड़ 95.5 डीमिल बताया गया है। हारून रशीद का कहना है कि गांव के कुछ लोगों ने मिलकर एक कथित फर्जी पंचनामा तैयार किया और उसके आधार पर उनकी जमाबंदी शून्य कराकर जमीन का दाखिल-खारिज अपने नाम पर करा लिया।
पीड़ित ने आवेदन में मो. इसराइल, मो. अनवार, मो. इरशाद, मो. इसराफिल उर्फ दुरैया, मो. सोना तथा मो. रिहान को इस मामले में नामजद किया है। उनका आरोप है कि उक्त लोग उनकी जमीन पर अवैध कब्जा करने की मंशा से यह कार्रवाई कर रहे हैं।
हारून रशीद ने अंचलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित अभिलेखों की जांच करवाने तथा यदि अनियमितता पाई जाए तो दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने अपनी पूर्ववर्ती जमाबंदी बहाल कर न्याय दिलाने का अनुरोध किया है।
इधर प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार आवेदन प्राप्त होने के बाद मामले की जांच प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है और प्रशासन द्वारा सभी पक्षों की बात सुनकर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।






















