नजरिया न्यूज़, अररिया।
अररिया जिला प्रशासन की सक्रियता, संवेदनशीलता और बेहतर समन्वय के चलते 144 बच्चों का सुरक्षित पुनर्वासन सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार दिनांक 25 अप्रैल 2026 को जिला बाल कल्याण समिति एवं जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से सभी बच्चों को उनके परिजनों के बीच सकुशल वापस भेज दिया गया। यह एक मानवीय पहल का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है।
गौरतलब है कि 11 अप्रैल 2026 को मध्य प्रदेश के कटनी क्षेत्र से अररिया जिले के 144 बच्चों को रेस्क्यू किया गया था। इस संबंध में सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी। जिला पदाधिकारी श्री विनोद दूहन ने सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई को निर्देश देते हुए बच्चों के सुरक्षित और शीघ्र पुनर्वास की प्रक्रिया प्रारंभ करवाई।
प्रशासन द्वारा सभी बच्चों का सामाजिक अन्वेषण प्रतिवेदन (SIR) तैयार किया गया और विभागीय प्रावधानों के अनुरूप उसे कटनी जिला प्रशासन को भेजा गया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान अररिया और कटनी प्रशासन के बीच लगातार समन्वय बना रहा। जिला पदाधिकारी स्वयं कटनी के जिलाधिकारी से संपर्क में रहकर बच्चों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करते रहे।
कटनी प्रशासन के सहयोग से सभी बच्चों को आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था के साथ ट्रेन द्वारा बिहार के लिए रवाना किया गया। बच्चों के आगमन को लेकर अररिया प्रशासन ने पूर्व से ही व्यापक तैयारी कर रखी थी। किशनगंज रेलवे स्टेशन पर सभी बच्चों को सुरक्षित प्राप्त किया गया, जहां से उन्हें अररिया लाया गया।
इसके बाद बाल कल्याण समिति, अररिया के समक्ष सभी बच्चों को प्रस्तुत किया गया और विधिसम्मत प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें उनके माता-पिता एवं अभिभावकों को सौंप दिया गया। इस दौरान बच्चों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और अन्य आवश्यकताओं का भी विशेष ध्यान रखा गया।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और उनका समग्र विकास प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CNCP) को सरकार द्वारा संचालित सभी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनका बचपन सुरक्षित, खुशहाल और उज्ज्वल बन सके।





















