नजरिया न्यूज़, अररिया।
अररिया जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से एक अभिनव और सराहनीय पहल “चिकित्सा आपके द्वार” कार्यक्रम के रूप में सामने आई है। जिला पदाधिकारी श्री विनोद दूहन के निर्देश पर शुरू किए गए इस अभियान के तहत जिले की सभी पंचायतों में घर-घर जाकर लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य 30 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक व्यक्ति की समय पर स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करना है, ताकि गंभीर बीमारियों का प्रारंभिक चरण में ही पता चल सके।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत ब्लड प्रेशर (बीपी), शुगर और कैंसर जैसी बीमारियों की स्क्रीनिंग की जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार बीपी और शुगर जैसी बीमारियां अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के धीरे-धीरे बढ़ती हैं, जिस कारण इन्हें “साइलेंट बीमारी” कहा जाता है। समय पर जांच और इलाज नहीं होने पर ये बीमारियां गंभीर रूप ले सकती हैं, जिससे मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है और जीवन के लिए भी खतरा उत्पन्न हो सकता है।
इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सुनियोजित रणनीति तैयार की है। स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों से सुझाव लेकर कार्ययोजना बनाई गई है। इसके तहत एएनएम (सहायक नर्स दाई) को घर-घर जाकर लोगों की जांच करने का जिम्मा सौंपा गया है। कार्यक्रम को एक माह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जिले के सभी प्रखंडों में माइक्रोप्लान तैयार कर इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। एएनएम द्वारा प्रत्येक घर में जाकर 30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की जांच की जा रही है और उसका नियमित रिकॉर्ड भी संधारित किया जा रहा है। साथ ही, हर वार्ड में पंजी तैयार कर डेटा संग्रह किया जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट प्रतिदिन प्रखंड स्तर से जिला मुख्यालय भेजी जा रही है।
जांच के दौरान जिन लोगों में बीपी या शुगर जैसी समस्याएं पाई जाती हैं, उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में दोबारा जांच कर पुष्टि की जाती है। इसके बाद आवश्यक उपचार की व्यवस्था की जाती है और मरीजों को मुफ्त दवाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। साथ ही नियमित फॉलोअप जांच के माध्यम से उनकी स्थिति पर नजर रखी जाती है।
उल्लेखनीय है कि अररिया जिला इस तरह की व्यापक घर-घर स्वास्थ्य जांच पहल को लागू करने वाला बिहार का पहला जिला बन गया है। यह प्रयास न केवल जिले के लोगों के स्वास्थ्य स्तर को बेहतर बनाने में सहायक होगा, बल्कि अन्य जिलों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल साबित हो सकता है।





















