- सांसद ने नशामुक्ति, संस्कार, बेटियों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण पर दिया विशेष संदेश
- नशामुक्त वातावरण के लिए एकजुट हो समाज-सांसद
- नई पीढ़ी ही विकसित भारत की सबसे मजबूत नींव है- सांसद
- शिक्षा के साथ साथ बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य और संस्कार दे अभिभावक- सांसद
- समाजिक जागरूकता से होगा बेहतर कल का निर्माण – सांसद
नजरिया न्यूज़, अररिया।
अररिया से लोकसभा सांसद श्री प्रदीप कुमार सिंह स्कॉटिश पब्लिक स्कूल परिसर में आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ सुनने के उपरांत स्कूली बच्चों, युवाओं एवं अभिभावकों के साथ विस्तृत संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने विशेष रूप से युवाओं में बढ़ते सूखे नशे, सामाजिक जागरूकता, बेटियों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य एवं भारतीय संस्कृति-संस्कार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीरता से अपने विचार रखे।
सांसद ने कहा कि आज 18 से 20–22 वर्ष तक के कई युवा गाँव से शहर तक स्मैक जैसे सूखे नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं, जो केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को बर्बाद कर देता है।
प्रशासन इस पर सख्ती से कार्रवाई कर रहा है, लेकिन केवल प्रशासनिक कठोरता से नहीं, बल्कि जनजागरण अभियान के माध्यम से ही स्थायी समाधान संभव है। समाज, विद्यालय, अभिभावक और जनप्रतिनिधि—सभी को मिलकर युवाओं को इस जहर से बाहर निकालना होगा।
उन्होंने अभिभावकों से विशेष आग्रह किया कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों, मित्र मंडली और दिनचर्या पर ध्यान दें। समय रहते सही मार्गदर्शन ही बच्चों को गलत रास्ते पर जाने से रोक सकता है।
सांसद ने बेटियों की सुरक्षा और सम्मान को समाज की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सरकार इस दिशा में लगातार सशक्त कार्य कर रही है। बेटियों को सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाना ही विकसित समाज की पहचान है।
गर्मी की छुट्टियों को उपयोगी बनाने का संदेश देते हुए सांसद ने बच्चों से कहा कि वे घर जाकर “एक पेड़ माँ के नाम” अवश्य लगाएँ। पर्यावरण संरक्षण केवल अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने बच्चों को छुट्टियों में अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने, नियमित दिनचर्या अपनाने और सकारात्मक कार्यों में समय लगाने की सलाह दी।
उन्होंने बच्चों से यह भी कहा कि समाज के बड़े-बुजुर्गों के पास बैठें, उनसे जीवन के अनुभव सुनें और अपनी संस्कृति, सभ्यता एवं पारिवारिक मूल्यों को सीखें। आधुनिकता के साथ अपनी जड़ों से जुड़ाव ही सच्ची प्रगति है।
सांसद ने कहा कि नई पीढ़ी ही विकसित भारत की सबसे मजबूत नींव है। यदि युवा नशामुक्त, संस्कारित, शिक्षित और जागरूक होंगे तो देश का भविष्य स्वतः उज्ज्वल होगा। उपस्थित लोगों ने सांसद के इस संवाद को अत्यंत प्रेरणादायक बताते हुए इसकी सराहना की।






















