वीरेंद्र चौहान, नजरिया न्यूज ब्यूरो किशनगंज, 21अप्रैल 2026।
15अप्रैल 2026की रात को किशनगंज जिले के अर्रीबाड़ी थाना क्षेत्र के बालूबाड़ी गांव में स्थित एक मक्के के खेत से सरवरी बेगम पत्नी अंसार आलम को मृत पाया गया था। एक छोटी सी बच्ची की मां की हत्या की वारदात जंगल की आग की तरह चारों तरफ फ़ैल गई। किशनगंज पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए मौके पर पहुंचे और कई थानों की पुलिस के साथ एक जांच दल का गठन 16अप्रैल 2026को कर दिया।
एसडीपीओ किशनगंज मंगलेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में पांच दिनों के अंदर पुलिस दल इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराने वाला भैसुर फजले रब्बी ही सरवरी बेगम का हत्यारा और साजिशकर्ता है। उसने अपने बटाईदार मैनुअल हक के सहयोग से सरवरी बेगम हत्या 15अप्रैल जलावन एकत्र करने के दौरान मैनुअल हक के साथ किया था।
प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक सरवरी बेगम ने अपने भैसुर पर गंदी नजर और छेड़छाड़ को लेकर पूर्व में पंचायत बुलाई थी। दूसरा कारण, हत्या आरोपित सरवरी बेगम की जमीन चाहता था जिसपर एक बड़ा सा मकान वह बना सके। सरवरी बेगम पत्नी अंसार आलम इसमें रोड़ा बन रही थी। फिलहाल किशनगंज पुलिस सरवरी बेगम की हत्या करने के आरोप में फजले रब्बानी तथा मैनुल हक को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।






















