नजरिया न्यूज़, अररिया।
जिले में एक बार फिर सड़क दुर्घटना का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने न केवल एक परिवार को संकट में डाल दिया है, बल्कि सड़क सुरक्षा और जिम्मेदारी के सवाल भी खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, डंमहैली वार्ड संख्या 3, रामपुर पंचायत निवासी सद्दाम, पिता मोहम्मद सैफुल, जो पेशे से टाइल्स-मार्बल मिस्त्री हैं, रोज की तरह अपने काम पर मोटरसाइकिल से निकले थे।
बताया जाता है कि वह अररिया बस स्टेशन होते हुए रानीगंज रोड के सर्विस लेन से गुजर रहे थे। इसी दौरान बिजली ऑफिस से शिवपुरी की ओर आने वाली सड़क के पास एक चारपहिया वाहन, जिस पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी का बोर्ड लगा हुआ था, ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। वाहन का नंबर बीआर 11 बीएल 2414 बताया जा रहा है और वह स्कॉर्पियो थी।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बताया गया कि वाहन में मौजूद लोग ही घायल सद्दाम को उठाकर हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. कुमार आनंद की क्लीनिक ले गए, जहां उनका इलाज चल रहा है। टक्कर इतनी गंभीर थी कि स्कॉर्पियो का पहिया सद्दाम के दाहिने पैर पर चढ़ गया, जिससे उनका पैर घुटने के नीचे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
यह घटना केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और नियमों के पालन पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अक्सर सरकारी वाहनों का उपयोग करते समय ट्रैफिक नियमों की अनदेखी की जाती है। तेज रफ्तार, मोड़ पर सावधानी की कमी और हॉर्न का उपयोग न करना आम बात बनती जा रही है।
सामाजिक परिवेश में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब जिम्मेदारी संभालने वाले ही नियमों की अनदेखी करेंगे, तो आम नागरिकों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि सड़क पर हर व्यक्ति की जिम्मेदारी बराबर है, चाहे वह आम नागरिक हो या प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ा कोई वाहन।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और पीड़ित को उचित सहायता देने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।





















