— हमीरपुर तहसील में उपभोक्ताओं के प्रदर्शन की तस्वीर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया शेयर
फिलहाल, पोस्ट के माध्यम से शेयर की गई खबर में पीड़ित पक्ष का पता ठिकाना नहीं दिया गया है। बिजली विभाग का पक्ष भी नहीं है। ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की खबर की पुष्टि पीड़ित पक्ष से असंभव है…
प्रवीण वत्स, विशेष संवाददाता नजरिया न्यूज, 19अप्रैल 2026।
लखनऊ। स्मार्ट मीटर के नाम पर चल रही बिजली की ठगी के ख़िलाफ़ उप्र की जनता के गुस्से का मीटर हाई है। यह जानकारी पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दी। 19अप्रैल को एक पोस्ट में पुर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बताया:
“क्योंकि उसे पता चल गया है कि बेवजह ज़रूरत से ज़्यादा मीटर रीडिंग आने और बिजली का खर्चा बेतहाशा बढ़ने का असली कारण भाजपा का भ्रष्टाचार है। जनता समझ गयी है कि भाजपाई ठेके देने से पहले ही मीटर-बिजली कंपनी से एडंवास कमीशन वसूल लेते हैं, जिसकी वसूली बिजली कंपनियां मीटरों को पहले से तेज दौड़ने के लिए सेट करके करती हैं। भाजपा के बिजली मीटर भी, ईवीएम मशीन की तरह हेराफेरी करते हैं। उन्होंने कहा:
भाजपाई जनता के गुस्से के करंट से दूर ही रहें। महंगे सिलेंडर और महंगी बिजली के बिल ही भाजपा का कनेक्श सत्ता से काट देंगे।
फिलहाल, पोस्ट के माध्यम से शेयर की खबर में पीड़ित पक्ष पता ठिकाना नहीं दिया गया है। बिजली विभाग का पक्ष भी नहीं है। ऐसे में कोई भी व्यक्ति पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की खबर की पुष्टि असंभव है।





















