नजरिया न्यूज़, अररिया।
अररिया, 16 अप्रैल 2026: जिला पदाधिकारी, अररिया के निर्देश पर अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह की रोकथाम को लेकर विशेष सतर्कता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 19 अप्रैल को मनाए जाने वाले कार्यक्रम के पूर्व फारबिसगंज प्रखंड के मटियारी पंचायत स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र संख्या 04030 (मंडल टोला) में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, फारबिसगंज सह सदस्य सचिव, प्रखंड बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति, श्रीमती स्वेता कुमारी ने की। आयोजन में जागरण कल्याण भारती संस्था का सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन संस्था के अध्यक्ष श्री संजय कुमार ने किया।
इस मौके पर वार्ड सदस्य श्रीमती चुनिया देवी, महिला पर्यवेक्षिका श्रीमती नेहा नयन, श्रीमती अर्पणा कुमारी, श्रीमती नाजिया अंदलिब, श्रीमती सुमित्रा साहा सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी सेविकाएं और ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि बाल विवाह करना या कराना कानूनन अपराध है, जिसमें दो वर्ष तक की सजा और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। साथ ही इस तरह के विवाह में शामिल अभिभावक, पंडित, मौलवी, फोटोग्राफर सहित अन्य लोग भी दंड के भागीदार होते हैं।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि बाल विवाह की सूचना अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर दी जा सकती है।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने बाल विवाह मुक्त अररिया जिला बनाने का संकल्प लिया और “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” के तहत शपथ भी ग्रहण की।





















