
पीड़िता के अनुसार, मौजा बसंतपुर स्थित खाता संख्या-886, खेसरा संख्या-9765, कुल रकबा 2 एकड़ 80 डिसमिल भूमि उनके पिता स्वर्गीय गणेशी ऋषिदेव को बिहार भूदान यज्ञ कमिटी द्वारा विधिवत प्रमाण पत्र के माध्यम से दी गई थी। पिता के निधन के बाद इस जमीन पर कुछ दबंग भू-माफियाओं की नजर पड़ गई और उन्होंने कथित रूप से साजिश के तहत जमीन का कुछ हिस्सा गैरकानूनी तरीके से बेच दिया।
पीड़िता का आरोप है कि हाल के दिनों में फिर से संगठित होकर कुछ लोगों ने उनकी बची हुई जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश शुरू कर दी है। आरोपितों में डोमन ऋषिदेव, गंगा ऋषिदेव, सरोज देवी, दरोगी ऋषिदेव, शिवानंद ऋषिदेव और चंदन ऋषिदेव समेत अन्य शामिल हैं, जो कथित तौर पर दबंगई के बल पर जमीन पर घर निर्माण करा रहे हैं।
मासों टुसिया देवी ने बताया कि जब उन्होंने अवैध निर्माण कार्य को रोकने का प्रयास किया, तो आरोपितों ने 10-11 अज्ञात लोगों को बुलाकर उनके साथ मारपीट की। इस दौरान उनकी पुत्री और दामाद को भी बुरी तरह पीटा गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़िता का कहना है कि सभी आरोपी आर्थिक रूप से संपन्न और प्रभावशाली हैं, जो अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं।
इस मामले को लेकर पीड़िता ने नगर थाना अररिया, अनुमंडल पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक अररिया सहित राज्य के उपमुख्यमंत्री तक को आवेदन दिया है, लेकिन अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे आरोपितों का मनोबल बढ़ता जा रहा है और वे खुलेआम निर्माण कार्य जारी रखे हुए हैं।
पीड़िता ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपितों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए उनकी जमीन पर हो रहे अवैध कब्जे और निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही, दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।
यह मामला प्रशासनिक निष्क्रियता और भूमाफियाओं के बढ़ते हौसले को उजागर करता है, जिससे आम गरीब और असहाय लोगों की जमीन सुरक्षित नहीं रह पा रही है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कब तक ठोस कदम उठाता है।