नजरिया न्यूज़ (रूबी विनीत अररिया), अररिया।
अररिया न्यायमंडल के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुंजन पाण्डेय ने 28 वर्ष पुराने दुकानों में लूटपाट करने के क्रम में एक व्यक्ति की सामूहिक रूप से निर्मम हत्या कर देने के मामले में 15 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
सभी आरोपितों को उम्रकैद की सजा के अलावा 20-20 हजार रुपया जुर्माना भी लगाया गया है।
यह सजा एसटी 70/2004 में सुनाया गया है।
सजा पाने वाले मो अजमल हुसैन, मो रोजिद, अब्दुस समद, फकीर मोहम्मद, रज़ाबुल, मो अकलीम, मो नसीमुद्दीन, ऐनुल हक, सैनूदिन, मो इशहाक, तैयब, हसीब, कुद्दूस, मो कफील, मो वसीकुल कमर सभी आरोपी अररिया जिला के रहने वाले हैं।
घटना को लेकर मृतक के परिजन की ओर से पलासी थाना क्षेत्र के रामबाग टोला कुम्हैया के रहने वाले इबनुल हक पिता अब्दुल हामिद ने 09 लोगों के विरुद्ध पलासी थाना कांड संख्या 70/1998 (एफआईआर) दर्ज करवाया था, जबकि केस आईओ ने 21 लोगों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल किया था। ट्रायल के समय 06 आरोपी की मृत्यु हो गई। शेष 15 आरोपितों पर वर्तमान में ट्रायल चल रहा।
सरकार की ओर से लोक अभियोजक (पीपी) रामा नंद मंडल ने बताया कि घटना 03 मई 1998 को 08 बजे सुबह की है। जिले के पलासी थाना क्षेत्र के डेंगा चौक में नाजायज मजमा बनाकर हथियार से लैस होकर सभी आरोपी एकमत होकर लूटपाट करने के क्रम मे अलीम उद्दीन उर्फ खुर्शीद आलम की हत्या कर दिए थे। आरोपी गण अनाधिकृत रूप से मोहन लाल यादव, अमीन, इशहाक, शहबाज, किरण कुमार के दुकान में प्रवेश कर कपड़ा, जूता, साइकिल आदि चोरी कर लिए थे। इतना ही नहीं, सभी आरोपी लूटपाट के क्रम मे मुजीबुर्रहमान, एहरारुल हक, गुलाम अहसानी, इब्दक हक, हरि लाल यादव, मो दाऊद और अलीमुद्दीन को घेर कर मारपीट किए तथा मसी उर रहमान, मो तैमूल को जान मारने के नियत से मारपीट कर जख्मी कर दिए थे।
बचाव पक्ष से वरीय अधिवक्ता कृष्ण मोहन सिंह व अधिवक्ता मो मंजूर आलम थे।




















