संजय कुमार संवाददाता पलासी अररिया
पलासी प्रखंड क्षेत्र के बुद्धि गांव में तीन दिवसीय बिहुला–विश्वरी नाच कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन उपेंद्र प्रसाद साह के द्वारा किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।कार्यक्रम में मंत्री गैन पार्टी पलासमनी बहादुरगंज के कलाकारों द्वारा बिहुला–विश्वरी नाच की प्रस्तुति दी गई।
कलाकारों ने चांद सौदागर और मनसा देवी की पौराणिक कथा का भावपूर्ण मंचन किया। कथा में दिखाया गया कि मनसा देवी की पूजा स्वीकार नहीं करने पर चांद सौदागर के एक-एक कर छह पुत्रों को सर्पदंश से मृत्यु हो जाती है और उनका राजपाट भी नष्ट हो जाता है।इसके बावजूद चांद सौदागर मनसा देवी की पूजा स्वीकार नहीं करते। बाद में उनके घर बाला का जन्म होता है और उसका विवाह बिहुला के साथ होता है। विवाह के बाद रात में मनसा देवी के सर्प द्वारा बाला को डंस लिया जाता है। इसके बाद बिहुला अपने मृत पति को केले के तने का बेड़ा बनाकर नदी के रास्ते देवपुर तक लेकर जाती है।देवपुर में उसकी अटूट श्रद्धा और समर्पण से प्रसन्न होकर मनसा देवी बाला को पुनः जीवनदान देती हैं।
कलाकारों ने इस कथा को मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया, जिससे दर्शक भावुक हो उठे।
नाटक में चंद्र सौदागर की भूमिका भीम कुमार बोसाक, सोनोका की भूमिका विष्णु प्रसाद, मेघा पात्र की भूमिका रामप्रसाद तथा बाला लक्ष्मण की भूमिका भुवनेश्वर प्रसाद ने निभाई। वहीं भोलेनाथ की भूमिका भगवत लाल, गोदा की भूमिका पंचम कुमार बोसाक और नेता की भूमिका विष्णु प्रसाद ने निभाई।बिहुला के दुख और संघर्ष का दृश्य देखकर दर्शकों की आंखें नम हो गईं। दूर-दराज से आए हजारों लोगों की भीड़ इस नाच को देखने के लिए उमड़ पड़ी और पूरा वातावरण भक्तिमय व भावुक हो गया।





















