नजरिया न्यूज़, किशनगंज। बिरेन्द्र चौहान।
किशनगंज में एक दिव्यांग व्यक्ति के पिछले एक महीने से लापता होने के बावजूद पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज नहीं किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में अररिया जिले के सिमराहा थाना क्षेत्र अंतर्गत मदारगंज निवासी 70 वर्षीय वृद्ध रामानंद पासवान ने किशनगंज के पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।
रामानंद पासवान ने अपने आवेदन में बताया है कि उनका 42 वर्षीय पुत्र मुन्ना पासवान बोलने में असमर्थ (गूंगा) तथा सुनने में असमर्थ (बहरा) है। वह अपने पुत्र के पैर के इलाज के लिए 29 जनवरी 2026 को किशनगंज स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज लेकर आए थे। इलाज के दौरान 30 जनवरी 2026 की सुबह करीब चार बजे जब उन्होंने अपने पुत्र को देखा तो वह वहां मौजूद नहीं था। इसके बाद उन्होंने अस्पताल परिसर और आसपास के इलाकों में काफी खोजबीन की, लेकिन मुन्ना पासवान का कहीं कोई पता नहीं चल सका।
घटना के बाद रामानंद पासवान ने 1 फरवरी 2026 को आदर्श थाना किशनगंज में अपने पुत्र की गुमशुदगी को लेकर लिखित आवेदन दिया। उन्होंने आवेदन की छायाप्रति भी पुलिस को सौंपी थी और अपने बेटे की जल्द से जल्द तलाश करने की गुहार लगाई थी। लेकिन आवेदन देने के कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा न तो कोई ठोस कार्रवाई की गई और न ही इस मामले में अब तक प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पीड़ित पिता का आरोप है कि जब वह करीब दस दिन बाद थाना पहुंचे और पुलिसकर्मियों से अपने पुत्र की तलाश के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की, तो उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया गया कि पुलिस खोजबीन कर रही है और वह भी अपने स्तर से खोजबीन करते रहें। इसके बाद भी वह कई बार थाना गए, लेकिन हर बार पुलिसकर्मियों द्वारा उन्हें टालमटोल कर दिया गया।
रामानंद पासवान ने बताया कि वह एक वृद्ध व्यक्ति हैं और अपने दिव्यांग पुत्र के लापता होने से बेहद परेशान और दुखी हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि इस मामले में संज्ञान लेते हुए आदर्श थाना किशनगंज को प्राथमिकी दर्ज करने तथा उनके पुत्र की जल्द से जल्द तलाश कराने का निर्देश दिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि उनके पुत्र का जल्द पता नहीं चला तो उनकी चिंता और बढ़ जाएगी।






















