- उपान्यास, सुरजापुर की माटी, सबसे बोड़ो टाका (लघुकथा) – लेखक डॉ. पी० पी० सिन्हा,हाल जोतवाजाही लेखक राजकुमार शाह तथा पोरेर बेटी लेखिका मिली कुमारी के द्वारा सभी उपस्थित पदाधिकारी को भेंट स्वरूप दिया गया।
वीरेंद्र चौहान, नजरिया न्यूज ब्यूरो किशनगंज, 28 फरवरी। जिला पदाधिकारी विशाल राज एवं पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में प्रथम सुरजापुरी महोत्सव का उद्घाटन सम्राट अशोक भवन के बगल में स्थित मोटर जांच केंद्र परिसर में किया गया।
उद्घाटन अवसर पर जिला पदाधिकारी श्री राज ने अपने संबोधन में कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि इस वर्ष सुरजापुरी भाषा एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन हेतु अलग से सुरजापुरी महोत्सव का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि सुरजापुरी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि इस क्षेत्र की समृद्ध सभ्यता और लोक संस्कृति का प्रतिनिधित्व करती है, जो जाति, धर्म एवं उत्सवों से परे है। यह स्थानीय संस्कृति को प्रस्तुत करती है और इसकी समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी नई पीढ़ी, विशेषकर बच्चों पर है। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव के माध्यम से सुरजापुरी भाषा एवं संस्कृति को न केवल किशनगंज बल्कि जिले के बाहर भी व्यापक पहचान दिलाने का प्रयास किया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग इसकी समृद्धता को समझ सकें। यह आयोजन प्रथम प्रयास है और प्राप्त सुझावों के आधार पर आगामी वर्षों में इसे और अधिक सुदृढ़ एवं व्यापक रूप दिया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने अपने संबोधन में आयोजकों एवं प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि भारत विविध भाषाओं एवं संस्कृतियों का इन्द्रधनुषी स्वरूप है, जहाँ सभी समुदाय मिल-जुलकर रहते हैं। सुरजापुरी महोत्सव इस लोक संस्कृति को जीवंत बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रथम महोत्सव की शुरुआत आने वाले समय में न केवल किशनगंज, बल्कि पूरे बिहार एवं देश में सुरजापुरी संस्कृति को नई पहचान दिलाएगी।
महोत्सव के दौरान सुरजापुरी भाषा की पुस्तकों का विमोचन भी किया गया, जिनमें सुरजापुर की माटी (उपन्यास) – लेखक श्री जगदीश य० राम उर्फ मिराक सुरजाभी
सबसे बोड़ो टाका (लघुकथा) – लेखक डॉ० पी० पी० सिन्हा (पूर्व)
हाल जोतवाजाही (सुरजापुरी गीत/काव्य संग्रह) – लेखक राजकुमार शाह तथा पोरेर बेटी – लेखिका मिली कुमारी के द्वारा सभी उपस्थित पदाधिकारी को भेंट स्वरूप दिया गया।
इसके उपरांत जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा सुरजापुरी भाषा पर आधारित AI स्टॉल का निरीक्षण किया गया। साथ ही सुरजापुरी कल्चरल स्टॉल, सुरजापुरी भाषा के पुस्तक स्टॉल तथा जीविका के माध्यम से लगाए गए सुरजापुरी संस्कृति पर आधारित खान–पान के स्टॉल का भी भ्रमण किया गया। जिला पदाधिकारी महोदय एवं पुलिस अधीक्षक महोदय ने सुरजापुरी पारंपरिक व्यंजन, जैसे भक्के आदि का स्वाद लिया तथा सुरजापुरी विवाह परंपरा से जुड़े डोल-नगाड़ा की प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
महोत्सव में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, साहित्यकार, कलाकार, छात्र-छात्राएं एवं आमजन उपस्थित रहे, जिससे कार्यक्रम अत्यंत सफल एवं स्मरणीय बन गया।






















