नजरिया न्यूज़, अररिया।
न्यायमंडल अररिया के जिला व अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ (एडीजे -04) रबी कुमार की अदालत ने स्पीडी ट्रायल के तहत लगभग ढ़ाई वर्ष पुराने बहुचर्चित पत्रकार बिमल कुमार हत्याकांड मामला प्रमाणित होने पर जिले के रानीगंज थाना क्षेत्र के कोसकापुर उत्तर के रहने वाले 23 वर्षीय माधव कुमार यादव उर्फ लाट साहब पिता उमेश कुमार यादव तथा मनुलालाहपट्टी वार्ड 02 स्थित भरना के रहने वाला 30 वर्षीय बिपिन यादव पिता श्रीलाल यादव को उम्रकैद की सजा सुनाई है.
दोनों आरोपितों को उम्रकैद की सजा के अलावा विभिन्न धाराओं में 50- 50 हजार रुपया जुर्माना लगाया गया है.
इसमें माधव को अलग से आर्म्स एक्ट में सजा के अलावा 10 हजार रुपया का जुर्माना लगाया गया है।
यह सजा एसटी 230/2024 में दिया गया है.
जबकि, शैशव कुमार, उमेश यादव, क्रांति कुमार यादव, संतोष कुमार भारती उर्फ संतोष राम, रूपेश यादव, आशीष कुमार याद व अर्जुन कुमार को साक्ष्य के आभाव में रिहा कर दिया गया है.
सरकार की ओर से एपीपी प्रभा कुमारी मंडल ने बताया कि 18 अगस्त 2023 की सुबह 05 बजे आरोपी गण षडयंत्र करके सूचक हरेंद्र प्रसाद सिंह के घर पर उसके पुत्र बिमल कुमार (पत्रकार) को आवाज देकर घर का दरवाजा खुलवाया. दरवाजा खुलते ही गोली मार दिया था. बिमल कुमार का इलाज के दौरान रानीगंज अस्पताल में मृत्यु हो गई थी.
इस मामले में मृतक पत्रकार बिमल कुमार के पिता हरेंद्र प्रसाद सिंह के द्वारा रानीगंज थाना में कांड संख्या 338/2023 दर्ज करवाया गया था.
इस मामले में केस आईओ ने 18 दिसंबर 2023 को कोर्ट में आरोप पत्र समर्पित किया था. जबकि न्यायालय के न्यायाधीश ने 19 दिसंबर 2023 को सभी 09 आरोपियों के विरुद्ध संज्ञान लिया गया था. 08 मई 2024 को आरोप गठन किया गया. आरोप गठन के बिंदु पर आरोपियों ने अपने आप को निर्दोष बताया था. इसके बाद ट्रायल शुरू हुआ. 13 सितंबर 2024 को अभियोजन साक्ष्य प्रारंभ किया गया।.जहां सभी साक्षियों ने घटना का पूर्ण समर्थन किया.
साक्षियों के बयान से संतुष्ट होकर न्यायालय के न्यायाधीश रबी कुमार ने आरोपितों को दोषी करार दिया.
सजा के बिंदु पर सरकार की ओर से एपीपी प्रभा कुमारी मंडल ने आरोपितों को फांसी देने की अपील की, जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ताओ ने कम से कम सजा देने की गुहार लगाई.
बचाव पक्ष से अधिवक्ता अमर कुमार, महेश चौपाल, शशि प्रकाश, मनोहर मिश्रा ने अपना पक्ष रखा था.
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय के न्यायाधीश रबी कुमार ने आरोपितों की सजा मुकर्रर की.



















