- 1804 स्कूलों में शनिवार तक लगेगा विशेष बूथ, छूटे हुए लोगों को भी किया जाएगा कवर
- जिले में 93 प्रतिशत योग्य लाभार्थियों ने खाई फाइलेरिया की दवा, अब शत-प्रतिशत लक्ष्य पर नजर
- सिविल सर्जन ने किया दूसरे चरण का शुभारंभ, बच्चों और शिक्षकों ने दोहराया फाइलेरिया उन्मूलन का संकल्प
नजरिया न्यूज़, सीतामढ़ी। जिले में सर्वजन दवा सेवन अभियान का प्रथम चरण सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुका है। इसके तहत स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा घर घर जाकर योग्य लाभार्थियों को फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन अपने सामने में करवाया गया। जिले में 25 फरवरी तक कुल आबादी के 80 प्रतिशत और योग्य लाभार्थियों के 93 प्रतिशत को फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन करवाया जा चुका है। शेष लोगों को दवा सेवन करवाने के लिए दूसरे चरण में 1804 स्कूलों में बूथ लगाकर बच्चों, शिक्षकों और छूटे हुए लोगों को दवा का सेवन करवाया जा रहा है। ताकि लक्ष्य को शत प्रतिशत पूर्ण किया जा सके। स्कूलों में शनिवार तक बूथ लगाकर बच्चों को दवा खिलाई जायेगी।
इसी क्रम में गुरुवार को नीना प्रोजेक्ट बालिका विद्यालय, मझौलिया, बथनाहा में सिविल सर्जन डॉ अखिलेश कुमार, जिला भीबीडीसी पदाधिकारी डॉ रविन्द्र कुमार यादव और सीएचसी बथनाहा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ महिमा और विद्यालय की प्राचार्या अर्चना कुमारी द्वारा संयुक्त रूप से बूथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही सभी प्रखंडों के स्कूलों में बूथ लगाकर दवा सेवन कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
- छात्र भविष्य है और बच्चों में फाइलेरिया संक्रमण संभावना अधिक होती:
जिला भीबीडीसी पदाधिकारी डॉ रविन्द्र कुमार यादव ने बताया कि छात्र भविष्य है और बच्चों में इसकी संभावना अधिक होती है। बच्चे इस बीमारी की चपेट में न आए इसलिए तीन दिनों तक स्कूलों में बूथ लगाकर दवा खिलाई जा रही है। सभी स्कूलों में उत्सवी माहौल में उत्साहपूर्वक बच्चे फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कर रहे है। हाउस टू हाउस अभियान के दौरान जिन बच्चों ने दवा खा ली थी, सबसे पहले उन्हें अलग कर दिया जा रहा है। वैसे बच्चे जिन्होंने दवा नहीं खाई थी उन्हें दवा खिलाया का रहा है, साथ ही फिंगर मार्किंग भी की गई। सभी बच्चों में बिस्किट इत्यादि का भी वितरण किया गया। हमारा लक्ष्य है कि आने वाली पीढ़ी फाइलेरिया मुक्त रहे। सभी बच्चों और शिक्षकों द्वारा फाइलेरिया मुक्त जिला के संकल्प को दोहराया गया। बच्चों से अनुरोध किया गया कि वे अपने घरों में जाकर अभिभावकों को बताए कि उन्होंने फाइलेरिया की दवा खाई है, अगर घर के बड़े दवा सेवन से छूट गए है तो उन्हें भी दावा सेवन के लिए प्रेरित करें। फाइलेरिया रोधी दवा ही फाइलेरिया को रोकने का एकमात्र कारगर तरीका है। इसलिए दवा सेवन कर समाज को फाइलेरिया मुक्त बनाने में सहयोग करें। सभी स्कूलों में यह कार्यक्रम माइक्रोप्लान के अनुसार शनिवार तक चलेगा।
इस निमित प्रतिदिन शाम को जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों द्वारा मॉनिटरिंग भी किया जा रहा है ताकि कही समस्या आने पर तुरंत निदान किया जा सके। समीक्षा के दौरान डीभीबीडीओ द्वारा सभी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अच्छे ढंग से बूथ का संचालन करें और किसी को दुष्प्रभाव न हो इसके लिए रैपिड रिस्पॉन्स टीम को अलर्ट मोड में रखें। जिले में दो-चार छिट पुट हल्के दुष्प्रभाव के अलावा कही भी कोई समस्या नहीं हुई है। सभी बच्चे स्वस्थ है और अच्छे तरीके से दवा सेवन कर रहे है। कुछ एएनएम द्वारा नवाचार भी किया गया है। वीडियो और पोस्टर के माध्यम से वे बच्चों को जागरूक कर रहे है। साथ ही बच्चों को दवा सेवन के लिए प्रेरित भी कर रहे है।
डॉ रविन्द्र कुमार यादव ने बताया कि जो लोग दवा सेवन से वंचित रह गए है उन्हें अभी भी आशा दीदी द्वारा घर घर जाकर दवा खिलाई जा रही है। इसके बाद भी जो लोग छूट गए है वे आशा दीदी या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से दावा लेकर खा सकते है। सभी आशा, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर दवा उपलब्ध है।
- खाली पेट न करें दवा का सेवन:
डॉ अखिलेश कुमार ने बताया कि फाईलेरिया रोधी दवाएं गुणवत्ता एवं प्रभाव स्तर पर पूर्णतया सुरक्षित है। जिन बच्चों में दवा सेवन के बाद उल्टी, चक्कर एवं सिर दर्द जैसी शिकायत आयी है, उनके क्षेत्र में फाइलेरिया परजीवी का संक्रमण होने की पुष्टि होती है। इसे आसान शब्दों में समझें तो यह है कि दवा सेवन के बाद अगर किसी तरह की शारीरिक शिकायत होती है तो यह स्पष्ट होता है कि शरीर में पहले से फाइलेरिया के परजीवी मौजूद थे। दवा सेवन से परजीवी मरते हैं, जिसके कारण उल्टी, चक्कर या सिर दर्द जैसे छोटी-मोटी शिकायत हो सकती है। एक महत्वपूर्ण बात हमेशा याद रखें कि दवा का सेवन कभी भी खाली पेट नहीं करें। सर्वजन दवा सेवन अभियान के तहत अगर किसी भी तरह की दिक्कत होती है तो बेझिझक नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाएं। स्वास्थ्य विभाग आपके बेहतर स्वास्थ्य के लिए हमेशा तत्पर है। गाँव से लेकर जिला स्तर पर स्वाथ्य कर्मी किसी भी तरह की समस्या से आपको बचाने के लिए तैयार हैं। आइये एक बार फ़िर एक जुट होकर दवा सेवन का संकल्प लें और फाइलेरिया को दूर भगाएं।






















