नजरिया न्यूज़, किशनगंज। बीरेंद्र पांडेय।
दिनांक 27 जनवरी 2026 को अररिया जिला के सिमराहा थाना अंतर्गत गांव मदरगंज निवासी रामानंद पासवान, पिता स्वर्गीय शुक्ल पासवान, अपने 40 वर्षीय पुत्र मुन्ना पासवान के इलाज के लिए किशनगंज आए थे। मुन्ना पासवान के दाहिने पैर में लगी रॉड को ऑपरेशन के माध्यम से निकलवाना था। चिकित्सकों के अनुसार 29 जनवरी 2026 को उन्हें किशनगंज मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था और 3 जनवरी मंगलवार को ऑपरेशन निर्धारित था।

फ़ोटो : मुन्ना पासवान (लापता ) किशनगंज मेडिकल कॉलेज से
परिजनों के अनुसार 30 जनवरी की मध्य रात्रि में, जब सभी लोग सो रहे थे, उसी दौरान मुन्ना पासवान शौचालय जाने के लिए अस्पताल के बाहर गए, लेकिन इसके बाद वे वापस नहीं लौटे। काफी खोजबीन के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिला। बाद में अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच के दौरान यह पुष्टि हुई कि वे बाहर तो गए थे, लेकिन उसके बाद उनकी कोई गतिविधि कैमरे में दर्ज नहीं हुई।
घटना के बाद परिजनों ने 31 जनवरी को किशनगंज सदर थाना में गुमशुदगी को लेकर आवेदन दिया। आवेदन की प्राप्ति रसीद 1 फरवरी 2026 की है। बावजूद इसके, करीब 21 दिन बीत जाने के बाद भी न तो प्राथमिकी दर्ज की गई और न ही पुलिस की ओर से किसी ठोस खोजबीन की कार्रवाई दिखाई दी। परिजनों का आरोप है कि वे तीन अलग-अलग तिथियों में थाना पहुंचे, लेकिन हर बार केवल आश्वासन दिया गया कि “आप भी खोजिए, हम भी खोज रहे हैं।”
मुन्ना पासवान के पिता रामानंद पासवान ने कहा कि अब तक पुलिस की ओर से किसी तरह की ठोस जानकारी या प्रगति उन्हें नहीं दी गई है। इससे परिवार की चिंता और पीड़ा लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने किशनगंज के पुलिस अधीक्षक से अपील की है कि उनके आवेदन पर संज्ञान लेते हुए अविलंब एफआईआर दर्ज की जाए और उनके पुत्र को सकुशल बरामद किया जाए।
इस मामले में जब नजरिया न्यूज़ के संवाददाता ने किशनगंज सदर थाना से जानकारी लेने का प्रयास किया, तो पुलिसकर्मी टालमटोल करते नजर आए और किसी स्पष्ट कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई। पुलिस की इस उदासीनता को लेकर परिजनों में गहरा रोष है।
अब चैनल के माध्यम से पीड़ित परिवार ने एक बार फिर किशनगंज के एसपी से न्याय की गुहार लगाई है और मांग की है कि लापता युवक की तलाश को गंभीरता से लिया जाए, ताकि परिवार को इंसाफ मिल सके।























